देवेश प्रताप सिंह राठौर
उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड आयुष्मान योजना के तहत मरीज के प्रति अत्याचार रोग कुछ इलाज कुछ और जब तक आयुष्मान योजना की धनराशि को पूरा हड़प नहीं लेते हैं, तब तक अस्पताल से निकलना बड़ा मुश्किल है मरीजों का क्योंकि हर अस्पताल वालों ने बाउंसर तैयार कर रखे हैं सुरक्षा के लिए यह हाल है आयुष्मान सुविधा जो मरीज को दी जा रही है जिसको नर्सिंग होम और अस्पताल वाले प्राइवेट इसका दुरुपयोग कर रहे हैं,बहुत से मामले सामने आए हैं जिसमें देखा गया है मरीज को मारनासन पहुंचा देते हैं,, अच्छा भला मैरिज जाता हैअस्पताल थोड़ा सा इलाज होना परंतु गंभीर से गंभीर बीमारियों को बात कर और इलाज किया जाता है, जिसका रिएक्शन होता है किडनी फेल हो जाती है लिवर डैमेज हो जाता है यह हाल नर्सिंग होम में जहां पर आयुष्मान योजना का लाभ मिलता है मरीजों को उन अस्पतालों में खुलेआम मानवता को तार-तार करते हुए नर्सिंग होम के डॉक्टर और मालकान
खुलेआम मरीज का कत्ल कर रहे हैं, इस पर सरकार को अंकुश लगाना चाहिए तथा नियम बदलने चाहिए आयुष्मान योजना का लाभ जिन मरीजों को मिल रहा है वह मरीज जो बीमारी हो उसका इलाज किया जाए ना कि पैसा पूरा हड़पने तक कई एक रोग और और तैयार करके मरीज को दवाइयां के भंडार दे दिया जाता बैठ।ल कर खिलाना शुरू कर देते हैं, जो उनके लिए घातक हो रही है बहुत से मामले ऐसे हैं जो मरीज अस्पताल में तो भरती अच्छे तरीके से हुआ लेकिन वहां से निकला तो उसकी किडनी खराब हो गई क्योंकि इतनी अधिक मात्रा में दवाई बिना मर्ज के दी गई जिसका साइड इफेक्ट हुआ यह हाल चल रहा है मेरी उत्तर प्रदेश सरकार से भारत सरकार से निवेदन है आयुष्मान योजना का लाभ जो मरीज को मिल रहा है वह मिलता रहे परंतु जिन नर्सिंग होम अस्पतालों में यह सुविधा दी जाती हैं उनकी विधवत जांच की जाए और नियमों में बदलाव किया जाए जिससे मरीज का सही इलाज हो सके क्योंकि बहुत से मामले मानवता को तार-तार करने वाले सामने आ रहे हैं। बहुत से अस्पताल ऐसे हैं जो आयुष्मान योजना का लाभ ले रहे हैं लेकिन वहां भी एक भी डॉक्टर नहीं है सब झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे इलाज चल रहा है कोई जांच करने वाला नहीं है सब कुछ सिस्टम बिका हुआ है नीचे से लेकर ऊपर तक बहुत सुधार की जरूरत है। यह व्यवस्था किसी एक जिले की नहीं है लगभग हर जिले में यही व्यवस्थाएं और कुरीतियों नर्सिंग होम में आयुष्मान योजना के तहत हो रही है इस पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए


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