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Wednesday, April 29, 2026

दुष्कर्म पीड़िता से मिलने निकले भाजपाई, रास्ते में रोके गए

खागा डाक बंगले में बैठाया गया प्रतिनिधिमंडल

फतेहपुर, मो शमशाद । खागा थाना क्षेत्र के चर्चित दुष्कर्म कांड ने अब पूरी तरह राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के बाद मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भी पीड़िता के गांव पहुंचकर परिवार से मुलाकात करने निकला, लेकिन प्रशासन ने खागा कस्बे में ही काफिले को रोक दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भाजपा नेताओं को निरीक्षण भवन (डाक बंगला) में बैठा दिया गया, जिससे मौके पर तीखी नोंकझोंक और नाराजगी का माहौल बन गया।

ईंट गांव जा रहे भाजपाईयों को रोकती पुलिस।

भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव के नेतृत्व में निकले प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह, विधायक कृष्णा पासवान, राजेंद्र सिंह पटेल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष ज्योति प्रवीण, पंकज त्रिपाठी, प्रवीण सिंह, सुशील मौर्य समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे। जैसे ही काफिला खागा पहुंचा, पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उसे गांव की ओर बढ़ने से रोक दिया। एसडीएम, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों ने भाजपा नेताओं को समझाने का प्रयास किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में किसी भी राजनीतिक दल के प्रवेश से तनाव बढ़ सकता है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शासन स्तर से कड़ी कार्रवाई जारी है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि भाजपा नेताओं ने इसे पीड़ित परिवार से मिलने के संवैधानिक अधिकार में बाधा बताते हुए नाराजगी जताई। कुछ देर तक प्रशासन और नेताओं के बीच तीखी बहस भी हुई, लेकिन अंततः पूरे प्रतिनिधिमंडल को निरीक्षण भवन में ही रोककर बैठा लिया गया। इस घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया, क्या अपनी ही सरकार में भाजपा नेताओं की प्रशासनिक स्तर पर कोई सुनवाई नहीं?

दुष्कर्म कांड में दो को जेल, मुख्य आरोपी फरार

गौरतलब है कि खागा क्षेत्र के एक गांव में मंगेतर के साथ बाग में बैठी युवती के साथ दरिंदगी की वारदात ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। मामले में दो आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी भाजपा नेता बबलू सिंह अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। फरारी पर शिकंजा कसते हुए पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने सात विशेष टीमें गठित की हैं। वहीं प्रयागराज मंडल के आईजी ने आरोपी पर घोषित इनाम राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है। पुलिस की दबिश जिले के अलावा कई अन्य राज्यों में भी जारी है। मामले में शुरुआती लापरवाही सामने आने पर तत्कालीन थानाध्यक्ष रमेश पटेल और संबंधित चैकी प्रभारी को निलंबित किया जा चुका है।

राजनीति गर्म, प्रशासन अलर्ट

घटना के बाद विपक्षी दलों की सक्रियता ने पहले ही प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। सपा और कांग्रेस प्रतिनिधियों की मुलाकात के बाद भाजपा का गांव जाना प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया। यही वजह रही कि किसी भी संभावित राजनीतिक प्रदर्शन या भीड़ जुटने से पहले ही प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। अब इस पूरे प्रकरण ने जिले की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। एक तरफ भाजपा आरोपी की गिरफ्तारी न होने से असहज है, तो दूसरी तरफ प्रशासन किसी भी कीमत पर मामले को और भड़कने नहीं देना चाहता।


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