नए जिलाधिकारी से जगी उम्मीद
फतेहपुर, मो शमशाद । शहर का ऐतिहासिक कूंड तालाब अतिक्रमण और अवैध कब्जों की मार झेल रहा है। एक समय था जब इस तालाब में विदेशी पंछियों का जमावड़ा लगता था, मछलियों की भरमार रहती थी और लोग यहां नाव चलाकर आनंद लेते थे लेकिन अब स्थिति चिंताजनक हो चुकी है। तालाब के चारों ओर तेजी से अतिक्रमण फैल चुका है। मिट्टी डालकर तालाब को पाटा जा रहा है और उस पर पक्के मकान व सड़कें बना दी गई हैं। इतना ही नहीं, इस भूमि पर कई नामचीन बिल्डिंग्स भी बनकर तैयार हो चुकी हैं।
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| कूंड तालाब पर बनी ईमारतों का दृश्य। |
इस गंभीर मुद्दे को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने आवाज उठाई है। शासन स्तर से कई बार टीमें मौके पर सर्वे भी कर चुकी हैं, लेकिन आरोप है कि प्रभावशाली लोगों की मौजूदगी के चलते जांच हर बार दब जाती है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। शहरवासियों को अब नए जिलाधिकारी से उम्मीदें जुड़ी हैं। लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए और सख्ती से कार्रवाई हो, तो तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराया जा सकता है। राजस्व अभिलेखों में दर्ज तालाबों पर कब्जा करना पूरी तरह अवैध है। इसके बावजूद खुलेआम अतिक्रमण होना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।


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