ठेकेदार और अधिकारियों ने मिलकर जमकर किया घोटाला
बांदा, के एस दुबे । जसपुरा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत लसड़ा, बसधरी एवं कुंडा डेरा में नदी किनारे कटाव रोकने हेतु सिंचाई विभाग एवं जल संस्थान विभाग द्वारा लगभग 33 करोड़ रुपये की लागत से स्टोन पिचिंग कार्य कराया गया था। कई समाजसेवियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही की मांग की है लेकिन जांच नहीं हुई अत्यंत गंभीर विषय यह है कि उक्त कार्य अत्यंत निम्न गुणवत्ता एवं मानकों की अवहेलना के कारण लगभग एक वर्ष के भीतर ही बाढ़ में बह गया। यह स्थिति प्रथम दृष्टया सरकारी धन के दुरुपयोग, तकनीकी लापरवाही एवं भ्रष्टाचार को दर्शाती है। स्थल निरीक्षण में यह भी पाया गया कि कार्य में ऐसे पत्थरों का उपयोग किया गया है जो इस प्रकार के कटाव निरोधक कार्य के लिए उपयुक्त नहीं हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि कार्य केवल कागजों में पूर्ण दर्शाकर वास्तविकता में घटिया निर्माण किया गया।
वर्तमान स्थिति में उक्त ग्राम पंचायतों के निवासियों के जीवन एवं संपत्ति पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है तथा आगामी बाढ़ में भारी जन-धन हानि की आशंका है, जो कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन एवं व्यक्तिगत सुरक्षा के अधिकार) का उल्लंघन है उक्त कार्य की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष उच्च स्तरीय तकनीकी जांच (विजिलेंस/थर्ड पार्टी) कराई जाए।दोषी अधिकारियों, अभियंताओं एवं संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध उपरोक्त धाराओं के अंतर्गत तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। जांच पूर्ण होने तक संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित/हटाया जाए। कार्य में हुए भ्रष्टाचार की धनराशि की वसूली (Recovery) सुनिश्चित की जाए। समस्त अभिलेख (DPR, MB, भुगतान विवरण, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट) की जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। ग्रामवासियों की सुरक्षा हेतु तत्काल अस्थायी एवं स्थायी कटाव निरोधक कार्य कराया जाए। इस भ्रष्टाचार से क्षेत्रीय ग्रामीण व समाज सेवायों में भारी आक्रोश देखने को मिला है।


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