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Monday, May 11, 2026

गोल्डन मिनट की जंग में चित्रकूट के डॉक्टरों ने सीखी नवजीवन बचाने की कला

जिला चिकित्सालय में कार्यशाला आयोजित 

चित्रकूट,  सुखेन्द्र अग्रहरि । नवजात शिशुओं की जिंदगी बचाने और मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से संयुक्त जिला चिकित्सालय चित्रकूट में नेशनल एनआरपी दिवस पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिले की विभिन्न प्रसव इकाइयों से पहुंचे चिकित्सकों, स्टॉफ नर्सों और पैरामेडिकल कर्मियों को बेसिक नियोनेटल रिससिटेशन प्रोग्राम (एनआरपी) के तहत नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल की आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित किया गया। जिला कोर्स कोऑर्डिनेटर डा नरेन्द्र कुमार मौर्य ने बताया कि जन्म के तुरंत बाद होने वाली बर्थ एस्फिक्सिया नवजात मृत्यु का प्रमुख कारण है और जन्म के बाद का पहला गोल्डन मिनट शिशु के जीवन के लिए सबसे निर्णायक

प्रशिक्षण प्राप्त करते जिला चिकित्सालय के डॉक्टर

समय होता है। बाल रोग विशेषज्ञ डा एचसी अग्रवाल ने कहा कि सही समय पर किया गया चिकित्सीय हस्तक्षेप नवजात को नया जीवन दे सकता है। प्रशिक्षण में 50 स्वास्थ्यकर्मियों को वीडियो प्रेजेंटेशन, हैंड्स ऑन प्रैक्टिकल और ग्रुप सेशन के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम में डा शिफाली, डा नितिन ग्यारसपुरिया सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।


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