घाटों पर आस्था का कचरा या प्रशासनिक लापरवाही?
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि। जिले में आस्था की धारा मंदाकिनी अब गंदगी और लापरवाही के बोझ तले कराहती नजर आ रही है। पन्नालाल घाट और मुक्तिधाम के आसपास दूसरे दिन भी बुंदेली सेना ने सघन सफाई अभियान चलाकर नदी से एक ट्रैक्टर से अधिक चोई घास, पॉलीथिन और पूजन सामग्री का मलबा बाहर निकाला। नदी की बदहाल स्थिति को लेकर संगठन ने जिलाधिकारी से पन्नालाल घाट, सम्पवेल और मुक्तिधाम के पास हवन-पूजन विसर्जन कुंड बनवाने की मांग उठाई है, ताकि लोग पूजन सामग्री सीधे नदी में फेंकने के बजाय निर्धारित कुंड में
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| सफाई में लगे बुंदेली सेना के सदस्य |
डालें। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि कर्वी में मंदाकिनी पुल के पास नगर पालिका द्वारा बनाए गए विसर्जन कुंड के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बड़ी संख्या में लोग अब उसी कुंड का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने राजाघाट और रामघाट में भी ऐसे कुंड बनाए जाने की आवश्यकता बताई। संगठन ने नयागांव छोटे पुल से बूढ़े हनुमान मंदिर तक प्रदूषित नदी को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य तय किया है। अभियान में अतुल सिंह, वीपी पटेल, जानकी शरण गुप्ता और अंकित पहारिया सहित कई कार्यकर्ताओं ने श्रमदान किया।
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