सूखी उम्मीदों में फिर लहराया पानी
बरूआ बांध बना किसानों की नई आस
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले में वर्षों से सूखे और घटते जलस्तर की मार झेल रहे बरूआ बांध ने इस बार उम्मीदों की नई कहानी लिख दी। गुरुवार को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने तहसील कर्वी अंतर्गत बरूआ बांध का निरीक्षण कर सिंचाई विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता शशिकांत प्रसाद ने बताया कि वर्ष 1967 में बने इस बांध की पूर्ण जल भंडारण क्षमता 24.90 एमसीएम है तथा इससे निकलने वाली 65 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली 5463 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बीते 15-16 वर्षों में यह बांध अपनी क्षमता का महज 15 से 20 प्रतिशत ही भर पाता था, लेकिन इस बार बरूआ नाला और
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| बरूआ बांध का निरीक्षण करते डीएम |
बराछ नाला की सफाई ने मानो मृतप्राय जलधारा में नई जान फूंक दी और वित्तीय वर्ष 2025-26 में बांध 60 प्रतिशत तक भर गया। डीएम ने नवीनीकृत बांध, स्पिलवे गेट, सेवा मार्ग और निरीक्षण गृह का अवलोकन करते हुए खाली भूमि पर वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए। साथ ही नहरों के जरिए तालाबों को भरने और पशु-पक्षियों तक पानी पहुंचाने की मुहिम को तेज करने पर जोर दिया। प्रशासन का दावा है कि जिले में 53 तालाब भरने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें अब तक 6 तालाब भरे जा चुके हैं।
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