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Tuesday, June 23, 2026

आयुक्त ने कोचिंग सेंटरों और निजी अस्पतालों का किया औचक निरीक्षण

अस्पतालों में बुनियादी सुरक्षा मानकों का दिखा अभाव

24 घंटे के भीतर सेफ्टी उपकरणों को कराया जाये दुरूस्त

बांदा, के एस दुबे । राजधानी लखनऊ में हुए भीषण कोचिंग अग्निकांड से सबक लेते हुए बाँदा जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। विद्यार्थियों और मरीजों की सुरक्षा को लेकर मंगलवार को मंडलायुक्त  अजीत कुमार ने खुद कमान संभाली और शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों व निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट भी भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। 


मंडलायुक्त के इस औचक निरीक्षण के दौरान शहर के कई नामी कोचिंग सेंटरों और निजी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। अधिकांश स्थानों पर फायर सेफ्टी के इंतजाम बेहद बदहाल और गंभीर खामियों से भरे पाए गए। कई जगहों पर रखे अग्निशमन यंत्र  या तो पूरी तरह निष्क्रिय मिले या उनकी समय पर सर्विसिंग नहीं कराई गई थी। कुछ बड़े संस्थानों में आपातकालीन निकास मार्ग, फायर अलार्म सिस्टम और बुनियादी सुरक्षा मानकों का भारी अभाव देखने को मिला।

इन गंभीर कमियों को देखकर मंडलायुक्त अजीत कुमार ने संबंधित संचालकों को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 24 घंटे के भीतर सभी फायर सेफ्टी उपकरणों को हर हाल में दुरुस्त कराया जाए। मंडलायुक्त ने दो टूक निर्देश दिए कि जिन कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा उपकरण सही और चालू स्थिति में नहीं मिलेंगे, वहां छात्रों की पढ़ाई शुरू नहीं होने दी जाएगी। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले निजी अस्पताल संचालकों को भी तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों और मरीजों की जान-माल की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। मंगलवार को हुई प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से शहर के कोचिंग संचालकों और निजी अस्पताल प्रबंधनों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधे सीलिंग व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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