18 जून को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करेंगे शिक्षक
बांदा, के एस दुबे । शिक्षक पात्रता परीक्षा लागू होने से पहले के सेवारत शिक्षकों पर जबरन टीईटी की अनिवार्यता थोपे जाने के विरोध में शिक्षकों ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ बांदा के बैनर तले शिक्षक 18 जून को दोपहर 3.30 बजे कलेक्ट्रेट में एकत्रित होकर जिला प्रशासन के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने बताया कि टीईटी नियम लागू होने से पूर्व जो भी सरकारी मानक तय थे, उन सभी को पूरा करते हुए इन शिक्षकों की नियुक्तियां वैध रूप से की गई थीं। अब इतने वर्षों की सेवा के बाद उन पर जबरन टीईटी परीक्षा पास करने का नियम थोपा जा रहा है, जो न्याय के नैसर्गिक सिद्धांत के पूरी तरह खिलाफ है। महासंघ ने साफ किया
है कि जब तक इस समस्या का कोई तर्कसंगत समाधान नहीं निकलता, तब तक वे इस निर्णायक लड़ाई को जारी रखेंगे। आंदोलन के प्रथम चरण के तहत 18 जून को जनपदभर से भारी संख्या में शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। महासंघ के संयुक्त महामंत्री विनोद शिवहरे ने जनपद के समस्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षक-शिक्षिकाओं से एकजुट होकर इस ज्ञापन कार्यक्रम और प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। महासंघ की ओर से प्रदर्शन से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार करने के लिए आयोजित की गई बैठक में मुख्य रूप से पंकज सिंह जिलाध्यक्ष, सुधीन्द्र बाबू दीक्षित उपाध्यक्ष, विनोद कुमार शिवहरे संयुक्त महामंत्री,मनोज सिंह कोषाध्यक्ष सहित संगठन के तमाम पदाधिकारी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित रहे और आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति तय की।


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