कानपुर, प्रदीप शर्मा - छ्त्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में शुक्रवार को सेंटर फॉर ऐकडेमिक में विश्वविद्यालय कार्य परिषद की बैठक सम्पन्न हुयी जिसमें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास तथा सतत विकास लक्ष्यों के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार को नई दिशा देने हेतु विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल साइंसेज एंड सस्टेनेबिलिटी की स्थापना करने का निर्णय लिया गया। कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक ने कहा कि यह केंद्र पर्यावरण विज्ञान, जैव विविधता संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, जल एवं मृदा प्रबंधन, हरित प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत, बायो फ्यूल एनर्जी, सतत कृषि तथा जलवायु अनुकूल विकास जैसे क्षेत्रों में बहुविषयी अनुसंधान को बढ़ावा देगा है।उन्होंने कहा कि केंद्र के माध्यम से पर्यावरण विज्ञान एवं सस्टेनेबिलिटी में अंतरविषयी पीएच.डी. कार्यक्रम, पोस्ट-डॉक्टोरल अनुसंधान,
तथा पर्यावरण प्रभाव आकलन, सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग, जलवायु परिवर्तन एवं कार्बन प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन, रिमोट सेंसिंग जैसे क्षेत्रों में प्रमाणपत्र एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों (लाइफ साइंसेज बायोटेक्नोलॉजी, फार्मेसी,केमेस्ट्री, केमिकल इंजीनियरिंग,पर्यावरण विज्ञान) के विशेषज्ञ संकाय सदस्य, उद्योग जगत, सरकारी संस्थानों तथा नीति विशेषज्ञों के सहयोग से यह केंद्र अनुसंधान, नवाचार, परामर्श एवं क्षमता निर्माण गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, भारत की जलवायु एवं सतत विकास प्राथमिकताओं तथा संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
कार्य परिषद की बैठक में प्रति कुलपति प्रो सुधीर कुमार अवस्थी, कुलसचिव राकेश मिश्रा, वित्त अधिकारी अशोक कुमार त्रिपाठी, परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार, उप कुलसचिव प्रमोद मिश्रा, डॉ सरस कपूर व अन्य सदस्य गण ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।


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