राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय का मेडिकल लेबोरेटरी साइंस कार्यक्रम - Amja Bharat

Amja Bharat

All Media and Journalist Association

Breaking

Tuesday, July 7, 2026

राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय का मेडिकल लेबोरेटरी साइंस कार्यक्रम

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होंगे नए पाठ्यक्रम एवं विनियम


देवेश प्रताप सिंह राठौर 


उत्तर प्रदेश झांसी भारत सरकार के राष्ट्रीय सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देख-रेख वृत्ति आयोग, नई दिल्ली द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों तथा उत्तर प्रदेश राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देख-रेख परिषद् एवं उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल फैकल्टी द्वारा जारी आदेशों के अनुपालन में बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से परिसर में संचालित बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (BMLT) कार्यक्रम में व्यापक संशोधन करते हुए इसे पूर्णतः राष्ट्रीय पाठ्यचर्या एवं नियामक ढांचे के अनुरूप लागू करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ स्टडीज़ द्वारा राष्ट्रीय ढांचे के अनुरूप तैयार किए गए नवीन पाठ्यक्रम एवं विनियमों को अनुमोदित कर दिया गया है। इन परिवर्तनों का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, कौशल आधारित एवं व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध कराना तथा पाठ्यक्रम पूर्ण करने के उपरांत राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर पंजीकरण प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुगम बनाना है।



नए प्रावधानों के अनुसार अब इस कार्यक्रम का नाम बैचलर ऑफ साइंस इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (टेक्नीक्स) के स्थान पर बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी साइंस होगा। यह कार्यक्रम अब सेमेस्टर प्रणाली आधारित आठ सेमेस्टर का होगा तथा इसकी कुल शैक्षणिक संरचना 160 क्रेडिट पर आधारित रहेगी, जो राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार की गई है। प्रवेश के समय न्यूनतम आयु 17 वर्ष पूर्ण करने वाले अथवा अपने प्रवेश वर्ष के 31 दिसम्बर तक 17 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेने वाले अभ्यर्थी जिन्होंने इंटरमीडिएट (10+2) अथवा समकक्ष परीक्षा भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं जीवविज्ञान (वनस्पति विज्ञान एवं प्राणी विज्ञान) विषयों के साथ उत्तीर्ण की हो, ही प्रवेश ले सकेंगे I


राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्यक्रम में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप की अवधि में किया गया है। पूर्व में यह अवधि 6 माह थी, जिसे अब बढ़ाकर 1 वर्ष (40 क्रेडिट) कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप कार्यक्रम की कुल अवधि अब 3 वर्ष + 6 माह इंटर्नशिप के स्थान पर इंटर्नशिप सहित 4 वर्ष होगी। विद्यार्थियों को अनिवार्य एक वर्षीय इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूर्ण करने के उपरांत ही उपाधि प्रदान की जाएगी। 

यह भी स्पष्ट है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 अथवा उससे पूर्व प्रवेश प्राप्त सभी विद्यार्थी उसी पाठ्यक्रम, नियमावली एवं परीक्षा प्रणाली के अंतर्गत अध्ययन एवं परीक्षा देंगे, जिसके अंतर्गत उन्हें प्रवेश प्रदान किया गया था। नए प्रावधान केवल शैक्षणिक सत्र 2026-27 एवं उसके बाद प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर लागू होंगे। यह परिवर्तन केवल पाठ्यक्रम का नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्यक्रम अब राष्ट्रीय शिक्षा मानकों, दक्षता आधारित प्रशिक्षण, व्यावसायिक कौशल विकास, गुणवत्तापूर्ण प्रयोगात्मक प्रशिक्षण तथा राष्ट्रीय स्तर पर एकरूपता को सुनिश्चित करेगा। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, रोजगार एवं व्यावसायिक पंजीकरण के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा देशभर में उनकी शैक्षणिक योग्यता की स्वीकार्यता और अधिक सुदृढ़ होगी। कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने इस अवसर पर कहा, > "बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय सदैव गुणवत्तापूर्ण एवं राष्ट्रीय मानकों पर आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। राष्ट्रीय सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देख-रेख वृत्ति आयोग द्वारा निर्धारित नए मानकों के अनुरूप मेडिकल लेबोरेटरी साइंस कार्यक्रम का पुनर्गठन विद्यार्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे हमारे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, व्यावसायिक दक्षता तथा परिषदों में पंजीकरण प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। विश्वविद्यालय भविष्य में भी सभी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।" नवीन पाठ्यक्रम में आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों, नैदानिक कौशल, अनुसंधान अभिमुखता, नैतिक मूल्यों, रोगी सुरक्षा, गुणवत्ता आश्वासन तथा अस्पताल आधारित प्रशिक्षण को विशेष महत्व दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों का समग्र व्यावसायिक विकास सुनिश्चित हो सके।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Pages