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Thursday, July 2, 2026

रोडवेज बसों में यात्रियों निशाना बनाने वाला अंतर्राज्यीय गैंग बेनकाब

साइबर थाना पुलिस ने गैंग के एक सदस्य को दबोचा

1.25 लाख रुपये नकद, मोबाइल व एटीएम कार्ड बरामद, हिस्ट्रीशीटर पिता फरार

फतेहपुर, मो शमशाद । साइबर थाना पुलिस ने रोडवेज बसों में यात्रियों को निशाना बनाकर मोबाइल, पर्स और एटीएम कार्ड चोरी करने तथा यूपीआई और एटीएम के माध्यम से खातों से रकम उड़ाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गैंग के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद, चोरी के मोबाइल फोन और कई एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं, जबकि गिरोह का सरगना और आरोपी का पिता मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस टीम की गिरफ्त में अभियुक्त।

पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि साइबर थाना में हाल ही में एक समान मोडस ऑपरेंडी (अपराध के तरीके) के दो मुकदमे दर्ज हुए थे। दोनों मामलों में कौशांबी और गाजियाबाद की ओर से बसों में सवार होने वाले यात्रियों को रास्ते में निशाना बनाया जाता था। फतेहपुर पहुंचने पर पीड़ितों को पता चलता था कि उनका मोबाइल फोन, पर्स और एटीएम कार्ड चोरी हो चुका है। इसके बाद आरोपी चोरी किए गए मोबाइल, यूपीआई आईडी और एटीएम का दुरुपयोग कर अलग-अलग एटीएम और यूपीआई के माध्यम से खातों से लाखों रुपये निकाल लेते थे। मामले के खुलासे के लिए गठित साइबर थाना और क्राइम डिटेक्शन टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से हरदोई जिले से संचालित एक शातिर गिरोह का पता लगाया। जांच में सामने आया कि गिरोह में बाप-बेटे शामिल हैं। मुख्य आरोपी दाताराम जोशी रोडवेज बसों में यात्रियों का मोबाइल, पर्स और एटीएम कार्ड चोरी करता था, जबकि उसका बेटा हर्षित कुमार जोशी एटीएम का पिन रीसेट कर और यूपीआई का इस्तेमाल कर खातों से पैसे निकालने का काम करता था। पुलिस ने ज्वालागंज बस स्टैंड के पास किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़े हर्षित कुमार जोशी निवासी पिहानी, हरदोई को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 1.25 लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया। बरामद मोबाइलों के वास्तविक मालिकों की पहचान के लिए उनके आईएमईआई नंबरों की जांच कराई जा रही है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका पिता पहले यात्रियों से बातचीत कर उन्हें विश्वास में लेता था और मौका मिलने पर नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर देता था। इसके बाद मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया जाता था। चोरी किए गए एटीएम कार्ड का पिन बैंक कस्टमर केयर के जरिए रीसेट कराया जाता था और ओटीपी की मदद से खातों से रकम निकाल ली जाती थी। एटीएम की सीमा पूरी होने पर मॉल और दुकानों में खरीदारी भी की जाती थी। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह काफी समय से अपने पिता के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी दाताराम हरदोई जिले का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके विरुद्ध 15 से 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है।


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