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Wednesday, August 5, 2026

जयँती पर याद किये गये जनेश्वर मिश्र

सपाइयों ने अर्पित किये श्रद्धासुमन 

बांदा, के एस दुबे । जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय में समाजवादी चिंतक एवं ‘छोटे लोहिया’ के नाम से प्रसिद्ध स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में पार्टी के पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने जनेश्वर मिश्र के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व सांसद एवं पूर्व मंत्री विशम्भर प्रसाद निषाद ने जनेश्वर मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जनेश्वर मिश्र का पूरा जीवन सादगी, संघर्ष और समाजवादी विचारधारा को समर्पित रहा। उन्होंने जीवनभर गरीब, किसान, मजदूर और कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी।


उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र का जन्म बलिया में एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की और छात्र जीवन से ही समाजवादी आंदोलन से जुड़ गए। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और लोकसभा तथा राज्यसभा के सदस्य रहने के साथ केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य किया।

विशम्भर प्रसाद निषाद ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव भी जनेश्वर मिश्र के विचारों और राजनीतिक अनुभव का बहुत सम्मान करते थे। सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों तथा चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने के समय मुलायम सिंह यादव उनसे सलाह लिया करते थे। जनेश्वर मिश्र ने समाजवादी आंदोलन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र का गरीबों के प्रति समर्पण उनके जीवन की सबसे बड़ी पहचान थी। एक राजनीतिक आंदोलन के दौरान जब वे जेल में थे, तब उन्हें सूचना मिली कि उनकी पत्नी गंगोत्री देवी बीमार हैं। साथियों ने उनसे पत्नी से मिलने जाने का आग्रह किया। जनेश्वर मिश्र ने कहा कि “पूरा देश मेरा परिवार है।” इसके बाद उनकी पत्नी का निधन हो गया। वे अस्थायी जेल से निकलकर अंतिम संस्कार में शामिल हुए और फिर अपने संघर्ष के रास्ते पर लौट गए।

उन्होंने कहा कि आगरा सम्मेलन में जनेश्वर मिश्र ने गरीबों की समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता से उठाया था। उनका मानना था कि गरीब के घर में कच्ची झोपड़ी होती है और उसमें सांप निकलने का खतरा रहता है, इसलिए गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उनके विचार आज भी समाजवादी आंदोलन के लिए प्रेरणा हैं।

विशम्भर प्रसाद निषाद ने कहा कि जनेश्वर मिश्र ने डॉ. राम मनोहर लोहिया के साथ अनेक राजनीतिक आंदोलनों में भाग लिया और समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। उनके निधन के बाद लखनऊ में उनके नाम पर जनेश्वर मिश्र पार्क का निर्माण किया गया, जो उनके योगदान की स्मृति को सदैव जीवित रखता है।

कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष किरन वर्मा, नन्द किशोर यादव, सुमन दिवाकर सहित अन्य नेताओं ने भी जनेश्वर मिश्र के जीवन, संघर्ष और समाजवादी विचारधारा पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव एजाज खान ने किया। इस अवसर पर पुष्पेंद्र सिंह चुनाले, सी.पी. प्रजापति, अवधबिहारी यादव, अमर सिंह यादव, सिकन्दर सिंह यादव, दिलीप कुमार, प्रमोद कुमार, अनुपम लौहवंशी, आशीष निषाद, भारत पाल, वीरेंद्र सिंह गोरेलाल वर्मा; विमलेश यादव;  सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने जनेश्वर मिश्र के बताए समाजवादी रास्ते पर चलने तथा गरीब, किसान, मजदूर और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाने का संकल्प लिया।



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