बांदा, के एस दुबे । पं. जेएनपीजी कॉलेज परिसर में करीब 17 वर्षों से बंद पड़े महिला छात्रावास पर कथित अवैध कब्जे को लेकर छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए अनशन शुरू कर दिया। छात्रों ने आरोप लगाया कि छात्राओं के लिए बनाए गए छात्रावास का लंबे समय से उपयोग नहीं हो पा रहा है और उस पर कथित रूप से अवैध कब्जा बना हुआ है। संगठन मंत्री शिवम एवं जिला संयोजक कार्तिकेय गुप्ता ने कहा कि छात्रावास छात्राओं की सुविधा और छात्रहित के लिए बनाया गया था, लेकिन वर्षों से बंद होने के कारण इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पूर्व लोकपाल मनरेगा नंदलाल शुक्ला से जुड़े कथित कब्जे को लेकर पूर्व में भी
आपत्तियां उठाई जाती रही हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि वर्तमान में नंदलाल शुक्ला लोकपाल मनरेगा के पद पर नहीं हैं, इसके बावजूद छात्रावास परिसर से कथित कब्जा खाली नहीं हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्र हित से जुड़े इस मामले में प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
शिवम और कार्तिकेय गुप्ता ने स्पष्ट किया कि कथित अवैध कब्जा खाली कराकर छात्रावास को छात्राओं के उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की कार्रवाई होने के बाद ही अनशन समाप्त किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर छात्रावास को कब्जामुक्त कराने तथा उसके संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान अभय साहू, रामेन्द्र शर्मा, युवराज सिंह, शैलेन्द्र राजपूत सहित सैकड़ों छात्र मौजूद रहे। छात्रों ने कहा कि लंबे समय से बंद महिला छात्रावास को छात्राओं के हित में पुनः शुरू कराया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।


No comments:
Post a Comment