बारिश से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं, कीचड़ में फंसे रहते हैं गोवंश
बांदा, के एस दुबे । तिंदवारी विकासखंड की ग्राम पंचायत पैलानी स्थित गौशाला में अव्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में पर्याप्त चारा-पानी और बारिश से बचाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण गोवंशों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि कई गोवंश भूख और बीमारी के चलते दम तोड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण गौशाला परिसर में जगह-जगह कीचड़ जमा है, जिसमें गोवंश घंटों फंसे रहने को मजबूर हैं। बारिश से बचने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम नहीं होने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार गोवंश की मौत होने के बाद शवों को समय से नहीं हटाया जाता। इससे कुत्ते शवों को नोचते रहते हैं और आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध व गंदगी फैलती है। लोगों का कहना है कि गौशाला बस्ती के बीच होने के कारण समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने कई बार गौशाला को बस्ती से बाहर स्थानांतरित कराने की मांग प्रधान से की, लेकिन आरोप है कि अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
सरकारी धन के इस्तेमाल पर भी सवाल
स्थानीय लोगों ने ग्राम प्रधान और सचिव पर गौशाला के नाम पर सरकारी धन के उचित उपयोग नहीं किए जाने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गौशाला के लिए मिलने वाले धन का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाता तो गोवंशों के लिए चारा, पानी, शेड और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था हो सकती थी। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कराकर गौशाला की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कराने तथा गोवंशों की मौत के कारणों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान के स्थानीय मंत्री से अच्छे संबंध होने के चलते अब तक कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


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