मानवता की मिसाल बने एआरटीओ डॉ उदित नारायण पाण्डेय
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : यमुना एक्सप्रेस-वे पर बीते बुधवार की रात हुए चलती बस में आग लगने के कारण हुए हादसे में फंसे चित्रकूटधाम मण्डल के यात्रियों को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ उदित नारायण पाण्डेय अपने खर्चें से एक निजी बस कराकर कुशलतापूर्वक घर पहुंचाने की व्यवस्था की। उनके इस मानवीय कार्य ही प्रशंसा पूरे क्षेत्र में हो रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते बुधवार की रात दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही यात्रियों से भरी बस में यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत अचानक आग लग गई थी। जिसमें 9 यात्रियों की जलने से मौत हो गई। जबकि दो दर्जन यात्रियों ने किसी प्रकार अपनी जान बचाई थी। इसकी सूचना मिलने पर सम्बन्धित पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गौतम बुद्ध नगर में कार्यरत एआरटीओ प्रवर्तन डॉ उदित नारायण पाण्डेय भी तत्काल मौके पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने मौके पर मौजूद दो दर्जन लोगों को सबसे पहले
जेवर टोल पर स्थित एक ढ़ाबे पर रोककर भोजन कराया। यात्रियों की स्थिति सामान्य होने पर डॉ उदित नारायण पाण्डेय ने चित्रकूटधाम मण्डल के अंतर्गत आने वाले जिले महोबा और हमीरपुर के लोगों के लिए अपनी ओर से प्राइवेट बसों की व्यवस्था की। जिसमें महोबा के लवकुश नगर तहसील के मेडका निवासी चन्द्रभान गजराज, संदीप, सर्वेश, मामना गांव के निवासी अंकित, कुलपहाड़ निवासी विकास, मुकेश गोस्वामी, सुगिरा निवासी सुनील सोनी, भोला डेरा निवासी विश्वामित्र, अम्बेडकर नगर कबरई निवासी मानव द्विवेदी, जुझार निवासी रवीन्द्र राजपूत को बस से रवाना किया। इसी प्रकार हमीरपुर जिले के राठ निवासी बृजकिशोर, सुनील कुमार, उरई निवासी बीरेन्द्र कुमार सिंह आदि को कुशसलतापूर्वक अपने खर्चे से गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की। इस दौरान यात्रियों ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर में कार्यरत सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ उदित नारायण पाण्डेय द्वारा संकट के समय में की गई यह मदद वह ताउम्र याद रखेंगे। गौरतलब है कि चित्रकूट जिले के मानिकपुर तहसील के सकरौंहा गांव के मूल निवासी डॉ उदित नारायण पाण्डेय हमेशा विभागीय कार्यों के साथ सामाजिक कार्यों में भी आगे रहते है। क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि अन्य अधिकारियों को भी उनके कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए।


No comments:
Post a Comment