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Sunday, September 27, 2026

केन नदी के तेज बहाव में नाव समेत बहा मछुआरा

5 किमी दूर मिला सुरक्षित; पीएसी का सर्च ऑपरेशन समाप्त

पैलानी/बांदा, के एस दुबे । जनपद बांदा के पैलानी थाना क्षेत्र में केन नदी के अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। शनिवार रात नाव में सो रहा 35 वर्षीय मछुआरा नदी के उफान में नाव समेत बह गया। लगभग 5 किलोमीटर दूर तैरते हुए बह जाने के बाद रविवार सुबह वह सिंधन कलां गांव के नाव घाट पर सुरक्षित मिल गया। पीएसी द्वारा चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के बीच युवक के सकुशल मिलने की खबर से परिजनों और पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली। रातभर सोता रहा, सुबह खुली आंख तो 5 किमी दूर मिला किनारा पैलानी थाना क्षेत्र के कुकुवा खास निवासी जंग बहादुर निषाद (35 वर्ष) पुत्र भवानी शंकर निषाद शनिवार शाम रोज की तरह अपना जाल और नाव लेकर केन नदी गया था।  परिजनों के अनुसार, वह अक्सर रात को नाव


पर ही सो जाता था, शनिवार रात करीब 11 बजे मूसलाधार बारिश के चलते केन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी के तेज बहाव के कारण किनारे बंधी नाव उखड़ गई और उस पर सो रहा जंग बहादुर भी नाव के साथ बहने लगा। नींद में होने के कारण उसे बहने का अहसास नहीं हुआ। जब सुबह उसकी आंख खुली तो उसने खुद को सिंधन कलां गांव के नाव घाट के पास पाया, जिसके बाद उसने सूझबूझ दिखाते हुए नाव को किनारे से बांध लिया। परिजनों में मची चीख-पुकार, नदी में उतरी पीएसी टीम रविवार सुबह तक जंग बहादुर के घर न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। नदी किनारे पहुंचने पर जब नाव और जंग बहादुर दोनों गायब मिले, तो तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। खतरे को देखते हुए एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह की अगुवाई में स्थानीय प्रशासन ने पीएसी की रेस्क्यू टीम को केन नदी में सर्च ऑपरेशन के लिए उतारा। 

सर्च ऑपरेशन के दौरान ही सिंधन कलां गांव के ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि नाव घाट पर एक अज्ञात युवक अपनी नाव के साथ मौजूद है। पैलानी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच की तो युवक की पहचान जंग बहादुर के रूप में हुई।जंग बहादुर के भाई चंद्रबली निषाद ने बताया कि उनके भाई के सकुशल मिलने की खबर से परिवार में छाई मायूसी खुशी में बदल गई। युवक के मिलने के बाद प्रशासन ने पीएसी का सर्च अभियान आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया।


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