चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : अग्रणी जिला प्रबंधक प्रभास मेहता ने बताया कि इंडियन बैंक द्वारा संचालित संस्थान ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) का संचालन मार्च 2011 से इंडियन बैंक द्वारा भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों तथा उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवक-युवतियों को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ना है। बताया कि केन्द्र में 18 से 45 वर्ष तक के पात्र युवक-युवतियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, आवास, भोजन, चाय-नाश्ता एवं प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। प्रमुख प्रशिक्षण में मोबाइल एवं एसी रिपेयरिंग, घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत, इलेक्ट्रिकल वायरिंग, कंप्यूटर एवं अकाउंटिंग, सिलाई, ब्यूटी पार्लर, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, डेयरी फार्मिंग, बकरी पालन, मुर्गी पालन, वर्मी कम्पोस्ट, मशरूम उत्पादन,
अगरबत्ती, पापड़-अचार-मसाला निर्माण तथा जनरल स्टोर जैसे व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद संस्थान द्वारा बैंक ऋण के लिए मार्गदर्शन, उद्यम स्थापना में सहायता तथा दो वर्ष तक फॉलोअप एवं हैंडहोल्डिंग सहयोग प्रदान किया जाता है। उद्यमिता विकास, डिजिटल भुगतान, ग्राहक प्रबंधन, विपणन एवं बिक्री पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। बताया कि वर्ष 2025-26 में 1,000 के लक्ष्य के सापेक्ष 1,035 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया गया। इनमें 747 (72 प्रतिशत) ने रोजगार/स्वरोजगार स्थापित किया तथा 532 (71 प्रतिशत) को बैंक लिंकेज प्राप्त हुआ। वर्ष 2026-27 (30 सितंबर 2026 तक) 1,000 के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 412 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित किया गया। इनमें 162 (40 प्रतिशत) ने रोजगार/स्वरोजगार स्थापित किया तथा 36 (22 प्रतिशत) को बैंक लिंकेज प्राप्त हुआ। उन्होंने ग्रामीण युवाओं से अपील है कि वे अपनी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार स्थापित करें और आत्मनिर्भर बनें।


No comments:
Post a Comment