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Thursday, October 8, 2026

मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर महिलाओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

12 अक्टूबर को मंडलायुक्त कार्यालय के घेराव का ऐलान

बांदा, के एस दुबे । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत कार्यरत कैडर महिलाओं के सम्मानजनक मानदेय एवं अन्य मांगों को लेकर बुधवार को लगभग दो सौ महिलाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जेडीयू की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड संगठन प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने किया।प्रमुख मांगेंज्ञापन के माध्यम से समूह सखी, बैंक सखी, स्वास्थ्य सखी, आजीविका सखी सहित विभिन्न कैडरों के लिए मांगें रखी गईं।मानदेय बढ़ाकर 20,000 प्रतिमाह किया जाए और इसका समय पर भुगतान सुनिश्चित हो।कैडर महिलाओं को स्थायी नियुक्ति, पहचान पत्र, आयुष्मान कार्ड तथा सुरक्षा बीमा कवर दिया जाए।कार्य संचालन के लिए आवश्यक


मोबाइल इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। महिलाओं का कहना है कि वे गांव-गांव जाकर स्वयं सहायता समूहों का गठन, नियमित बैठकें, बैंकिंग कार्य और केवाईसी जैसी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रही हैं, लेकिन उन्हें इसका उचित पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। शालिनी सिंह पटेल प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि महिलाएं केवल राजनीतिक रैलियों में भीड़ बढ़ाने के लिए नहीं हैं, बल्कि वे अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करना भी जानती हैं। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी अब चुप नहीं रहेगी और यदि उनकी जायज मांगों पर तुरंत सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो इस आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।12 अक्टूबर को पैदल मार्च और घेराव की चेतावनी महिलाओं ने आगामी रणनीति का ऐलान करते हुए कहा कि 12 अक्टूबर को महिलाएं बांदा के ऐतिहासिक अशोक लाट से पैदल मार्च करते हुए मंडलायुक्त कार्यालय पहुचेंगी और कार्यालय का घेराव करेंगी।  महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान नहीं निकाला गया, तो आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में वे मतदान के माध्यम से अपना कड़ा विरोध दर्ज कराएंगी। इस दौरान लगभग दो सैकड़ा से अधिक कैडर महिलाएं उपस्थित रहीं और प्रशासन से उनकी मांगों पर शीघ्र कार्यवाही करने की अपील की।


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