विभव एवं संपत्ति कर व लाइसेंस शुल्क की कार्रवाई पर जताई आपत्ति, UPI पर MDR का विरोध
बांदा, के एस दुबे । जनपद में पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों को जिला पंचायत की ओर से जारी विभव एवं संपत्ति कर तथा लाइसेंस शुल्क संबंधी नोटिसों को लेकर बांदा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। एसोसिएशन ने संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया, अधिकार क्षेत्र और प्रस्तावित शुल्क को लेकर कई सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि नोटिसों में विभव एवं संपत्ति कर का आकलन बिना किसी स्पष्ट और पारदर्शी प्रणाली के एकतरफा किया गया है। आरोप है कि कर निर्धारण के बाद संबंधित फर्मों को अनिवार्य सुनवाई और लिखित आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर भी नहीं दिया गया। एसोसिएशन ने संबंधित प्रावधानों का हवाला देते हुए प्रक्रिया का पालन किए जाने की मांग की है।
एसोसिएशन ने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में जिला पंचायत द्वारा नगर निकाय क्षेत्र में स्थापित पेट्रोल पंपों को भी नोटिस अथवा वसूली की कार्रवाई भेजी जा रही है। संगठन के अनुसार नगर निकाय क्षेत्र में जिला पंचायत की कार्रवाई उसके क्षेत्राधिकार का विषय बनती है, जिस पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। पत्र में इलाहाबाद हाईकोर्ट के वर्ष 2024 के एक मामले का भी हवाला देते हुए कहा गया है कि जिला पंचायत द्वारा लाइसेंस फीस की वसूली के अधिकार को लेकर न्यायालय के आदेशों का पालन किया जाना चाहिए। एसोसिएशन ने पेट्रोलियम प्रतिष्ठानों की लाइसेंस प्रक्रिया और NOC से संबंधित नियमों का भी उल्लेख किया है।

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