एनडीआरएफ की तैनाती, दुकानें खाली
मंदाकिनी बनी महाकाल, मची तबाही
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । शनिवार की सुबह से हो रही मूसलधार बारिश ने चित्रकूट में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगभग 30 फीट तक बढ़ गया है, जिससे रामघाट की दुकानें जलमग्न होने लगी हैं। नदी का उफान इतना तेज है कि हर 5 मिनट में पानी एक फीट की रफ्तार से बढ़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति को भांपते हुए एनडीआरएफ की टीम को रामघाट पर तैनात कर दिया है। लाउडस्पीकरों के माध्यम से दुकानदारों को घाट खाली करने की चेतावनी दी जा रही है। नदी के किनारे रह रहे नागरिकों को सतर्क किया गया है, ताकि किसी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों, विशेष रूप से जंगल क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण मंदाकिनी नदी बेकाबू हो गई है। आरोग्यधाम क्षेत्र में पुल पूरी तरह डूब चुका है, जिससे मध्यप्रदेश की ओर आवागमन ठप हो गया है। वहीं, गुप्त गोदावरी गुफा में भी पानी भरने के चलते श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। स्थानीय गोताखोरों और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि बारिश का यही क्रम जारी रहा तो रामघाट और आसपास के मोहल्लों में बाढ़ की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और राहत बचाव दल अलर्ट मोड में है।
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| मंदाकिनी नदी पर जलमग्न रामघाट |
मानिकपुर भी भारी बाढ की चपेट में, उफनाई बरदहा नदी मानिकपुर तहसील अंतर्गत बरदहा नदी एक बार फिर उफान पर आ गई है, जिससे चमरौहां गांव के समीप स्थित बहुचर्चित रपटा पूरी तरह जलमग्न हो गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ग्रामीणों का आवागमन पूर्णतः ठप हो गया है। रपटे के दोनों ओर करीब 50 से अधिक राहगीर फंसे हुए हैं, जो न तो आगे बढ़ पा रहे हैं और न ही वापस लौट पा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोग चिंतित हैं और प्रशासन से त्वरित राहत व सहायता की मांग कर रहे हैं।
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| मंदाकिनी नदी पर बढा हुआ जलस्तर |
प्रशासन एलर्ट रामघाट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना पर प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति का तत्काल संज्ञान लिया। नगर पालिका परिषद, स्वास्थ्य विभाग एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रशासन ने रामघाट के समीप निवास करने वाले आम नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है तथा उन्हें बाढ़ से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
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| मौके पर स्थिति का जायजा लेते एडीएम उमेश निगम |
आगामी 5 दिनों तक बारिश की संभावना जिले में शनिवार सुबह 10 बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे पिछले तीन दिनों से जारी बूंदाबांदी के बाद लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। इस तेज बारिश के कारण जिले के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। दीनदयाल संस्थान गणिया फार्म के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को धान की रोपाई प्रारंभ करने की सलाह दी है, क्योंकि मौसम धान की बुवाई के लिए
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| जल से आधी डूबी दुकान और मौके पर मौजूद दुकानदार |
उपयुक्त माना जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहने की संभावना है, जिससे खेतों में नमी बनी रहेगी और रोपाई के लिए अनुकूल वातावरण बना रहेगा। हालांकि, इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है, ऐसे में किसानों और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है।





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