मां ने मासूम को लेकर लगा दी जान की बाजी
शिनाख्त नही हो सकी
राजापुर/चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । महेवा पुल घाट एक बार फिर दिल दहला देने वाली त्रासदी का गवाह बना। गुरुवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने अपने डेढ़ साल के मासूम को गोद में लेकर यमुना नदी में छलांग लगा दी। कुछ ही पलों में मां और बच्चा गहरे पानी में समा गए। यह हादसा उस दर्दनाक घटना के ठीक अगले दिन हुआ है, जब इसी पुल से एक युवती ने छलांग लगाई थी और उसकी लाश अगले दिन सुबह बरामद हुई थी। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राजापुर थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद दोनों शव बाहर निकाले गए। शवों को मर्चरी हाउस भेज दिया
गया है। महिला की पहचान अब तक नहीं हो सकी है-उसके पास न तो कोई दस्तावेज मिला और न ही कोई सुसाइड नोट। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने कहा कि महिला की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रथम दृष्टया मामला मानसिक तनाव या घरेलू विवाद का हो सकता है, लेकिन बिना साक्ष्य के अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। सवालों में प्रशासन की संवेदनशीलता दो दिन में दो आत्महत्याएं और दोनों इसी पुल से। सवाल है कि प्रशासन अब तक इस आत्महत्या स्पॉट को लेकर क्यों सतर्क नहीं हुआ? क्यों न तो सुरक्षा की व्यवस्था की गई और न ही कोई निगरानी तंत्र सक्रिय किया गया? क्या महज शव निकालना ही प्रशासन की जिम्मेदारी है?


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