कानपुर, प्रदीप शर्मा - चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के अधीन संचालित कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज के सभागार में योग, रोग निवारण के वैज्ञानिक अनुसंधान और निष्कर्ष विषय पर एक सेमिनार का आयोजन मंगलवार को कुलपति डॉ आनंद कुमार सिंह के निर्देशन एवं अधिष्ठाता डॉ. एन के शर्मा के नेतृत्व में हुआ ।जिसमें मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में जिला प्रभारी, मुख्य प्रशिक्षक, पतंजलि योग समिति पी डी राही उपस्थित हुए। मुख्य वक्ता ने बताया कि वह 85 वर्ष की उम्र के हैं, इस उम्र तक उन्होंने कोई भी दवाई का सेवन नहीं किया है जो की नियमित योग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कोई भी बीमार व्यक्ति किसी की भी मदद नहीं कर सकता। उन्होंने वात, पित्त, कफ और नाड़ियों के बारे मे बताया। उन्होंने लोगो को दैनिक दिनचर्या का भी तरीका बताया। इसी क्रम में डॉ. प्रदीप कुमार सिंह भदौरिया द्वारा योग के विभिन्न कालों की जानकारी उपलब्ध कराई गई।उन्होंने 500 ईसा
पूर्व से योग के प्रचलन और उनके कालों के विभिन्न चरणों की जानकारी दी।उन्होंने वैदिक काल से सूर्य नमस्कार के प्रचलन को बताते हुए योग को अतुलनीय बताया। इसी क्रम में हार्टफुलनेस संस्था के जिला प्रभारी डॉ पंकज गुप्ता ने ध्यान के बारे में वैज्ञानिक शोधों को बताते हुए ध्यान से नकारात्मक विचारों से बचने की उपाय बताएं। उन्होंने कहा नकारात्मक विचार हमारे मन मस्तिष्क और शरीर को विभिन्न व्याधियों से ग्रस्त कर देते हैं इसलिए ध्यान एक ऐसा माध्यम है कि जिससे आप रोगों का निदान कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ श्वेता दुबे ने किया। अंत में डॉ एन के शर्मा , अधिष्ठाता ने योगासन और शारीरिक व्यायाम के बीच के अंतर को समझाया।उन्होंने बताया कि योग मन, मस्तिष्क और शरीर सभी को पुष्ट बनाता है। जबकि शारीरिक व्यायाम केवल शारीरिक सौष्ठव को बढ़ाता है। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक अधिकारी छात्र और कर्मचारी उपस्थित रहे।


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