कानपुर, प्रदीप शर्मा - छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की प्रेरणा और मार्गदर्शन में समग्र शिक्षा एवं तनावमुक्त, जागरूक जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल सेंटर सभागार में अपने आप से जुड़ाव और सशक्तिकरण हार्टफुलनेस दृष्टिकोण और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिये तनावमुक्त और हार्टफुल जीवनशैली विषयों के विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की गई। यह सत्र हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित किया गया। इस अवसर पर हार्टफुलनेस रिसर्च सेंटर हैदराबाद के निदेशक प्रो. मोहनदास हेगड़े मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। ज़ोनल एवं केंद्र समन्वयक हार्टफुलनेस शालिनी श्रीवास्तव और समन्वयक हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट प्रदीप
श्रीवास्तव भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रो. हेगड़े और प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने भारतीय ज्ञान परंपरा, अनाहत चक्र की भूमिका तथा राजयोग ध्यान प्रणाली के हृदय-केंद्रित अभ्यास पर चर्चा की। सत्र के अंत में प्रतिभागियों के लिए पुनर्जीवन और ध्यान सत्र का भी आयोजन किया गया जिससे सभी को मानसिक शांति एवं आत्म-जुड़ाव का अनुभव प्राप्त हुआ। हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट एक धर्मनिरपेक्ष गैर-लाभकारी संस्था है जो हृदय-केंद्रित ध्यान एवं हार्टफुल जीवनशैली पर आधारित नि:शुल्क शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम देश-विदेश में विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में संचालित करती है। कार्यक्रम में योगाचार्य डॉ. राम किशोर ने अपनी पुस्तक अतिथियों को भेंट की। कार्यक्रम में लगभग 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिनमें विश्वविद्यालय के छात्र, शिक्षक, कर्मचारी एवं कानपुर के हार्टफुलनेस साधक सम्मिलित रहे। इस आयोजन का समन्वयन डॉ. रश्मि गोरे एवं डॉ. शिल्पा कायस्था ने किया। कार्यक्रम में डॉ. पुष्पा मेमोरिया, डॉ. प्रिया तिवारी, डॉ. बद्री नारायण मिश्र सहित अनेक वरिष्ठ संकाय सदस्य मौजूद रहे।


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