चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : पर्यटन विभाग अंतर्गत स्वीकृत नवीन पर्यटन परियोजनाओं के प्रस्तुतीकरण एवं अन्य संबंधित बिंदुओं पर कार्यदायी संस्था के साथ मंगलवार को जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में वर्चुअल (ऑनलाइन) बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पालेशवरनाथ मंदिर पहाड़ी का पर्यटन विकास, तीर्थ क्षेत्र सीतापुर (खोही चौराहे के समीप) पर्यटन सुविधा केंद्र की अवस्थापना, राम सैया का पर्यटन विकास एवं पर्यटन सुविधाओं का निर्माण, महर्षि वाल्मीकि लालपुर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का पर्यटन विकास तथा महर्षि वाल्मीकि लालपुर के समीप तमसा (गंगा) नदी पर प्रस्तावित वाल्मीकि घाट निर्माण एवं पर्यटन सुविधाओं के सृजन से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। परियोजनाओं के सौंदर्यीकरण के संबंध में डीएम ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को निर्देशित किया कि सभी स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए
शौचालय, सोलर लाइट, सोलर पैनल, आरसीसी बेंच, डस्टबिन, साइनेज, प्रवेश मार्ग (एंट्री रोड), कर्व्ड रैम्प तथा उच्च गुणवत्ता के पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पालेशवरनाथ मंदिर पहाड़ी मुख्य मार्ग से मंदिर तक लगभग 30 मीटर के कच्चा मार्ग की टाइलिंग के निर्देश दिए। साथ ही यात्री हाल, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्थाएं एक ही परिसर में सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से विकसित करने को कहा। निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण होने के बाद संबंधित परिसंपत्तियों का हैंडओवर विभाग अथवा संस्था को किया जाए। कहा कि सभी पर्यटन स्थलों पर एकरूपता बनाए रखते हुए विकास कार्य कराएं। साथ ही कुछ नवीन डिजाइन एवं पैटर्न को सम्मिलित किया जाए, जिससे स्थलों का सौंदर्य एवं आकर्षण और अधिक बढ़ सके। विकास कार्यों में स्थानीय क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान एवं पारंपरिक तत्वों को समाहित करने पर विशेष बल दिया गया। इस मौके पर सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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