किसानों ने स्थानीय प्रशासन पर मिलीभगत का लगाया आरोप
खागा, फतेहपुर, मो. शमशाद । किशनपुर थाना क्षेत्र के संगोलीपुर मडैयन मोरम खदान एक बार फिर विवादों में है। किसानों ने सामूहिक रूप से खदान संचालक के ओवरलोड वाहनों को बैरियर लगाकर रोक दिया। दबंग खदान संचालकों ने फसलों को बर्बाद करके रास्ता बनाया था। खदान संचालक किसानों को फसलों के मुआवजे का आश्वासन दिया था। रास्ता बनने के बाद खदान संचालक मुआवजे के नाम पर दबंगई दिखाने लगे जिससे नाराज किसानों ने रास्ता रोक दिया। टकराव की स्थिति उत्पन्न है, जबकि स्थानीय थाना पुलिस सहित प्रशासन मौन धारण किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी मुआवजे, अनुमति व सूचना के खदान संचालक ने रात के अंधेरे में खेतों से रास्ता तैयार कर दिया और सुबह होते ही भारी वाहन उसी रास्ते से दौड़ने लगे। इससे किसानों की गेहूँ और
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| खदान के मुख्य मार्ग पर जाम लगाए ग्रामीण। |
सरसों की खड़ी फसल बुरी तरह नष्ट हो गई। इस मनमानी से नाराज किसानों ने मोरम खदान के मुख्य रास्ते को रोककर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने खदान संचालक पर दबंगई करने और मुआवजा मांगने पर जान से मारने की धमकी देने तक के आरोप लगा रहे हैं। जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश है। किसानों का आरोप यह भी है कि खदान शुरू होने से लेकर अब तक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे। शुरुआत से ही खदान संचालन नियमों के विपरीत चल रहा है और स्थानीय प्रशासन शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। ग्रामीणों ने कुछ अधिकारियों पर भी मिलीभगत कर खदान संचालक का संरक्षण करने के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। जाम लगने की सूचना पर स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को शांत कराने का प्रयास किया। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी फसल का उचित मुआवजा नहीं मिलेगा और अवैध रास्ता बंद नहीं किया जाएगा, विरोध जारी रहेगा। वही ग्रामीणों ने मांग किया कि खदान संचालक पर तुरंत कार्रवाई की जाये।


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