फोन न उठाने पर नाराजगी
शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
साइबर अपराध पर चिंता गहराई
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले की कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विशेषाधिकारी समिति की बैठक उस समय चर्चा का केंद्र बन गई, जब इसे मिनी सदन की तरह संचालित करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था की गहराई से पड़ताल की गई। सभापति गोविन्द नारायण शुक्ल के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में शिक्षक क्षेत्र के सदस्य बाबूलाल तिवारी, जिलाधिकारी चित्रकूट पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी महोबा श्रीमती गजल भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक चित्रकूट सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जनप्रतिनिधियों के प्रति प्रोटोकॉल और शिष्टाचार के पालन को लेकर सबसे पहले सवाल उठे। सभापति ने साफ कहा कि जनप्रतिनिधियों के फोन न उठाने की शिकायतें गंभीर हैं और अधिकारियों को सीयूजी नंबर नोट कर शिकायतों का तत्काल निस्तारण करना होगा।
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| सभापति को सम्मानित करते डीएम |
कानून व्यवस्था की समीक्षा में पुलिस ने अपराधों में कमी का दावा किया, लेकिन सभापति ने स्पष्ट कहा कि जमीनी स्तर पर थाना-तहसील में आम जनता की सुनवाई अभी भी संतोषजनक नहीं है। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए पुलिस ने बताया कि जिले में साइबर थाना सक्रिय है और अब तक लगभग 38 प्रतिशत से अधिक धनराशि पीड़ितों को वापस कराई जा चुकी है। बैठक में सड़कों की खराब गुणवत्ता, बिजली आपूर्ति, नलकूपों की स्थिति, सरकारी योजनाओं के बजट उपयोग और सार्वजनिक वितरण प्रणाली तक की विस्तार से समीक्षा की गई। सभापति ने सख्त लहजे में कहा कि गड्ढामुक्त सड़कों और गुणवत्तापूर्ण निर्माण को सुनिश्चित किया जाए तथा 2025-26 के टेंडरों की गुणवत्ता की जांच के लिए समिति गठित कर एक माह में रिपोर्ट दी जाए। कामदगिरी परिक्रमा मार्ग की सफाई और नाले के निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों की सिंचाई समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की कार्यशैली की सराहना करते हुए सभापति ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों से जिले में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है और जनहित के कार्यों को इसी जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
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