चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले की पावन धरती पर सेवा, समर्पण और करुणा की मिसाल रहे पद्मश्री डॉ बीके जैन की स्मृति में 13 मार्च को जानकीकुंड स्थित रघुवीर मंदिर में महाप्रसाद का आयोजन हुआ, जहां हजारों की संख्या में उनके चाहने वाले उमड़ पड़े। सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट के ट्रस्टी और विश्वविख्यात सदगुरु नेत्र चिकित्सालय के निदेशक रहे डॉ जैन ने 27 फरवरी को इसी तपोभूमि पर अंतिम सांस ली थी, जिसके बाद पूरे विंध्य क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। महाप्रसाद कार्यक्रम में संत-महंत, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, ट्रस्टीगण और देशभर से आए श्रद्धालुओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। किसी ने उन्हें महानायक, किसी ने युगपुरुष तो किसी ने कर्मयोगी कहकर याद
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| प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु |
किया। पांच दशकों तक गरीब और जरूरतमंदों की आंखों की रोशनी लौटाने वाले डॉ जैन ने सेवा, आत्मअनुशासन और समर्पण के बल पर सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट को शिखर तक पहुंचाया। उनके मानवीय कार्यों और चिकित्सा सेवा ने उन्हें देश-विदेश में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। महाप्रसाद में शामिल लोगों ने नम आंखों से उस महानायक को नमन किया, जिसने हजारों जीवनों में रोशनी भर दी।
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