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Tuesday, April 28, 2026

इस अधिक गर्मी में झांसी के वरिष्ठ डॉक्टर डीएन मिश्रा के द्वारा सावधानी बरतने के निर्देश

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड झांसी के वरिष्ठ जनरल फिजिशियन डॉक्टर डीएन मिश्रा ने इस गर्मी में कुछ सावधानियां बरतने के निर्देश दिए आवश्यक हो तभी बाहर निकले दोपहर को अगर आवश्यक ना हो तो ना निकले और सर पर कपड़ा रखें और हल्के कपड़े पहने चेहरे में पानी की चीटें मारे अधिक पानी पिए और अपने को बचाकर और धूप से  क्योंकि इस समय  गर्मी का तापमान पड़ रहा है जिससे शरीर का तापमान बहुत कम हो जाता है ऐसी स्थिति में मरीज के तापमान में घटने से उसको अस्पताल में भक्ति करना आवश्यक हो जाता है, तभी मरीज को स्थिति को संभाल जा सकता है इसका बचाव करें और अपने को स्वस्थ रखें  शरीर के द्रव्य बाढी फल्यूड सूखने लगती है। शरीर से पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, पुरानी बीमारी, मोटापा, पार्किनसन रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह, ऐसी कुछ औषधियां जैसे डाययूरेटिक एटीस्टिामिनिक मानसिक रोग की कुछ औषधियां का उपयोग करने पर लू लगने की सम्भावना अधिक रहती है।


       उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक में गर्म लार, शुष्क त्वचा, पसीना, तेज पल्स, उथले श्वास गति में तेजी, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मितली, थकान व कमजोरी, चक्कर आना, मूत्र न होना आदि लक्षण होते हैं। उपरोक्त लक्षणों के चलते मनुष्यों के शरीर में उक्त तापमान से शरीर के आंतरिक अंगों, विशेष रूप से मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाता है, तभी शरीर में उच्च रक्तचाप उत्पन्न करता है। मनुष्य के हृदय के कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव उत्पन्न होता है। जो लोग एक या दो घंटे से अधिक समय तक 40.6 डिग्री० से० (105 डिग्री० एफ०) या अधिक तापमान अथवा गर्म हवा में रहते है, तो उनके मस्तिष्क में क्षति होने की सम्भावना प्रबल हो जाती है।यात्रा करते समय पीने का पानी साथ ले जाएं। ओ०आर०एस०, घर में बने हुये पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माठ), नीबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करे जिससे कि शरीर में पानी की कमी की भरपाई हो सके।

      हीट स्ट्रोक हीट रेस हीट के लक्षणों पौसे कमजोरी, चक्कर आना, सरदर्द उबकाई, पसीना आना, मूर्छा आदि को पहचाने, यदि मूर्छा या बीमारी अनुभव करते हैं तो तुरन्त चिकित्सीय सलाह ले। अपने घर को ठण्डा रखें, पर्दे, दरवाजे आदि का उपयोग करें तथा शाम/रात के समय घर तथा कमरो को ठण्डा करने हेतु इसे खोल दें, पखे, गीले कपड़ों का उपयोग करें तथा बार-बार स्नान करे, कार्य स्थल पर ठण्डे पीने का पानी रखे/उपलब्ध कराये आज बहुत सी बातों पर अपने को ध्यान रखकर बचाव करने की जरूरत है।

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