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Saturday, April 25, 2026

(MSU) के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. खतीबी अली का गरिमामय एवं महत्वपूर्ण शैक्षणिक दौरा सम्पन्न हुआ

उत्तर प्रदेश झांसी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में यह दौरा दोनों संस्थानों के मध्य स्थापित शैक्षणिक समझौते (MoU) को और अधिक सशक्त बनाने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को विस्तारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।प्रो. अली ने अपने दौरे के दौरान सर्वप्रथम माननीय कुलपति महोदय से शिष्टाचार भेंट की, जिसमें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति, वैश्विक सहभागिता एवं भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के मध्य दीर्घकालिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा इसे बहुआयामी स्वरूप देने पर विशेष बल दिया गया।


दौरे का प्रमुख आकर्षण प्रो. अली द्वारा “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में शिक्षकों को सक्षम एवं प्रासंगिक बनाना” विषय पर दिया गया व्याख्यान रहा। अपने विचारों में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में AI केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि शिक्षा प्रणाली को पुनर्परिभाषित करने वाला परिवर्तनकारी माध्यम है। उन्होंने शिक्षकों को “Facilitator of Learning” के रूप में अपनी भूमिका विकसित करने, डेटा-आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने, डिजिटल टूल्स के प्रभावी उपयोग तथा विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking), समस्या-समाधान (Problem Solving) एवं नवाचार कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में विश्वविद्यालयों को पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों से आगे बढ़ते हुए उद्योग-संलग्न (Industry-aligned) एवं कौशल-आधारित शिक्षा प्रणाली को अपनाना होगा, जिससे विद्यार्थी रोजगार एवं उद्यमिता दोनों के लिए सक्षम बन सकें।

इसके उपरांत आयोजित विचार-विमर्श सत्र में प्रो. अली ने प्रो. सुनील कबिया (निदेशक, IQAC), प्रो. अर्चना वर्मा तथा डॉ. लवकुश द्विवेदी (समन्वयक, इनोवेशन सेंटर) के साथ विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में निम्न प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी—

अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग (QS, THE आदि) में सुधार हेतु संयुक्त रणनीतियों का निर्माण

दोनों संस्थानों के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (Joint International Conference) का आयोजन

बहु-विषयक शोध (Multidisciplinary Research) को बढ़ावा देना

स्टार्टअप, इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के क्षेत्र में सहयोग

गुणवत्ता आश्वासन (Quality Assurance) के लिए IQAC स्तर पर समन्वय

विशेष रूप से संयुक्त डिग्री कार्यक्रम (Joint Degree Programme) प्रारंभ करने तथा छात्र एवं संकाय आदान-प्रदान (Student & Faculty Exchange Programme) को नियमित एवं संरचित रूप देने पर गंभीरता से विचार किया गया। दोनों पक्षों ने सहमति व्यक्त की कि इन पहलों से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय exposure प्राप्त होगा तथा शोध एवं शिक्षण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

बैठक में प्रशासनिक एवं शैक्षणिक नेतृत्व की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। इस अवसर पर कुलसचिव श्री ज्ञानेंद्र कुमार, उप कुलसचिव श्री शेख अंजुम, प्रो. डी.के. भट्ट (निदेशक, इंजीनियरिंग), प्रो. सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अनुपम व्यास, डॉ. अतुल खरे, श्री अनिल बोहरे, डॉ. विनीत कुमार एवं प्रो. आलोक वर्मा सहित अनेक वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत करते हुए सहयोग के नए आयामों पर विचार रखा।


माननीय कुलपति महोदय ने अपने संबोधन में कहा—

“बुंदेलखंड विश्वविद्यालय निरंतर वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर है। Management and Science University (MSU) जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के साथ हमारा सहयोग न केवल हमारे विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए नए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि शोध, नवाचार एवं गुणवत्ता के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में सहायक सिद्ध होगा। हम संयुक्त डिग्री कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं फैकल्टी-स्टूडेंट एक्सचेंज जैसी पहलों को शीघ्र क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” प्रो. अली ने भी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धता एवं नवाचार उन्मुख दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि दोनों संस्थानों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें निकट भविष्य में ठोस परिणामों में परिवर्तित किया जाएगा।

यह दौरा न केवल दो विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी को नई दिशा देने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की बढ़ती पहचान को भी दर्शाता है। भविष्य में इस साझेदारी के अंतर्गत कई संयुक्त शैक्षणिक, शोध एवं नवाचार पहलें प्रारंभ होने की प्रबल संभावना है।

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