बांदा, के एस दुबे । चटगन खदान में घुसकर कर्मियों के साथ बेरहमी से मारपीट करने, उन्हें गंभीर रूप से घायल करने और उनकी लाइसेंसी राइफल व नगदी लूटने के मामले में कोतवाली देहात पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने घटना में शामिल दो और वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बांदा श्री पलाश बंसल के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत की गई है।
बीती 1 मई 2026 की शाम को चटगन खदान में कुछ बदमाश चार पहिया वाहन से आए थे। उन्होंने वहां मौजूद खदान कर्मियों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट कर उन्हें लहूलुहान कर दिया था। वारदात के दौरान बदमाशों ने एक कर्मी की लाइसेंसी राइफल और जेब में रखे रुपए भी लूट लिए थे। इस संबंध में 3 मई को खदान के मैनेजर की तहरीर पर कोतवाली देहात थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के अगले ही दिन 4 मई मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ भूरा को लूटी गई राइफल के साथ गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उसके अन्य साथी फरार चल रहे थे। थानाध्यक्ष संजीव कुमार चैबे के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम लगातार फरार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। दिनांक 23ध्24 जून 2026 की दरमियानी रात को पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी करते हुए बांदा रोड पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पुल के नीचे से आरोपी अनुराग को दबोच लिया।
पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में अनुराग ने अपना जुर्म कबूल किया और घटना में शामिल अपने दूसरे साथी का नाम उगला। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दूसरे अभियुक्त गोविंद को कटरा बलखंडीनाका स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। अनुराग पुत्र राकेशरू निवासी जंगल दफ्तर सिविल लाइन, थाना कोतवाली नगर, बांदा।गोविंद पुत्र प्रकाश चंद्र निवासी कटरा बलखंडीनाका, थाना कोतवाली नगर, बांदा। पकड़े गए दोनों अभियुक्तों के खिलाफ थाना कोतवाली देहात में बीएनएस के तहत विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस कामयाबी में थानाध्यक्ष कोतवाली देहात संजीव कुमार चैबे, महोखर चैकी प्रभारी दुर्विजय सिंह, हेड कांस्टेबल मानवेंद्र सिंह, रिक्रूट कांस्टेबल अवनीश यादव, आकाश, प्रेम कुमार और महिला रिक्रूट कांस्टेबल शिवी यादव शामिल रहीं।


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