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Tuesday, July 7, 2026

जमीन खरीद में धोखाधड़ी, फर्जी महिला बनकर कराया बैनामा

पीड़िता ने सब-रजिस्ट्रार से लगाई रोक की गुहार

फतेहपुर, मो शमशाद । जनपद में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े एक बड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। राधानगर थाना क्षेत्र के झाऊपुर गांव निवासी लक्ष्मी देवी ने सब-रजिस्ट्रार को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि फर्जी महिला, फर्जी आधार कार्ड और कथित जालसाजी के जरिए उनकी करीब 44 लाख 30 हजार रुपये की रकम हड़प ली गई। पीड़िता ने संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के नए बैनामे पर तत्काल रोक लगाने तथा मामले की सूचना पुलिस के उच्चाधिकारियों को देने की मांग की है। लक्ष्मी देवी ने बताया कि ग्राम कुसुम्भी, परगना हस्वा, तहसील एवं जिला फतेहपुर स्थित गाटा संख्या 3137 की भूमि का विक्रय पत्र 23 जून 2026

सब रजिस्ट्रार को शिकायती पत्र देने जाती महिला।

को सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत कराया था। आरोप है कि बैनामा कराने के बाद जब वह भूमि पर कब्जा लेने पहुंचीं तो ग्रामीणों और वास्तविक महिला ने बताया कि विक्रय पत्र में लगी फोटो उसकी नहीं है। आरोप है कि किसी अन्य महिला ने फर्जी आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज तैयार कर स्वयं को वास्तविक विक्रेता बताकर बैनामा करा दिया। पीड़िता का कहना है कि जमीन खरीदने के लिए उन्होंने विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से आरटीजीएस, यूपीआई तथा नकद मिलाकर कुल 44.30 लाख रुपये का भुगतान किया। आरोप है कि भुगतान प्राप्त करने के बाद कथित विक्रेता ने अपने खातों से पूरी रकम निकाल ली और फरार हो गई। अब उसका कोई पता नहीं चल रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूरे मामले में कुछ कथित बिचैलियों और दलालों की भूमिका रही। पीड़िता ने अरविन्द त्रिपाठी, अनुपम द्विवेदी, धर्मेन्द्र सहित कुछ अज्ञात व्यक्तियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने और करोड़ों की संपत्ति के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सभी आरोपी फरार हैं। लक्ष्मी देवी ने आशंका जताई है कि वास्तविक भूमि स्वामिनी द्वारा दोबारा उक्त जमीन का विक्रय किया जा सकता है। इसे देखते हुए उन्होंने सब-रजिस्ट्रार से अनुरोध किया है कि गाटा संख्या 3137, रकबा 1.2548 हेक्टेयर से संबंधित किसी भी विक्रय विलेख का पंजीकरण फिलहाल न किया जाए। मामले की सूचना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को देकर जांच कराई जाए, जिससे आगे किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी धोखाधड़ी न हो और उन्हें न्याय मिल सके।


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