माझा थोक से रामसागर तालाब तक निकली आकर्षक झांकी,
परंपरागत तरीके से हुआ कंस वध;दो दिवसीय मेले के पहले दिन उमड़ा कस्बेवासियों का हुजूम
पैलानी/बांदा, के एस दुबे । कस्बे में रविवार को दो दिवसीय कंस मेले का उत्साह और उल्लास के बीच आगाज हुआ।मेले के पहले दिन माझा थोक से भव्य और आकर्षक झांकी निकाली गई। धार्मिक रंग में रंगे कस्बे की गलियों में झांकी के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए रामसागर तालाब पहुंची।यहां परंपरागत रूप से कंस वध का आयोजन किया गया।इस दौरान पूरा माहौल धार्मिक उत्साह से सराबोर नजर आया।रविवार को कंस मेले को लेकर सुबह से ही कस्बे में
चहल-पहल शुरू हो गई थी।माझा थोक में झांकी की तैयारियों के बाद शोभायात्रा निकाली गई। आकर्षक ढंग से सजाई गई झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। लशोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह लोग झांकी देखने के लिए जुटे रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में आयोजन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने झांकी के दर्शन कर धार्मिक परंपरा में सहभागिता की।
रामसागर तालाब में हुआ कंस वध का आयोजन
शोभायात्रा कस्बे के माझा थोक से निकलकर रामसागर तालाब पहुंची।यहां कंस वध का आयोजन किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का वध कर उसके आतंक से लोगों को मुक्ति दिलाई थी।इसी प्रसंग को याद करते हुए कस्बे में हर वर्ष कंस मेले का आयोजन किया जाता है।कंस वध के दौरान मौजूद लोगों ने जयकारे लगाए और उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।
मेले को लेकर कस्बे में रहा उत्सव जैसा माहौल
दो दिवसीय कंस मेले के पहले दिन कस्बे में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। लोगों के लिए यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ ही कस्बे की पुरानी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी रहा।मेले में शामिल लोगों ने झांकी और कंस वध के आयोजन को लेकर उत्साह जताया।कस्बे में आयोजित इस पारंपरिक मेले का रविवार को पहला दिन रहा।सोमवार को दूसरे दिन भी मेले से जुड़ी गतिविधियां जारी रहेंगी।दो दिवसीय आयोजन के चलते कस्बे में रौनक बनी हुई है।


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