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Saturday, September 9, 2023

विदेशी ब्राह्मणों के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

बुद्ध विरासत पर विदेशी ब्राह्मणों का कब्जा हटवाये जाने की मांग 

फतेहपुर, मो. शमशाद । राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा एवं बुद्धिष्ट इंटरनेशनल ने शनिवार को बुद्ध विरासत पर नाजायज तरीके से विदेशी ब्राह्मणों द्वारा कब्जा किए जाने से नाराज होकर जुलूस निकाला। हाथों में तख्तियां व तिरंगा लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। तत्पश्चात प्रशासनिक अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर बुद्ध की विरासत पर किए गए अवैध कब्जों को हटवाये जाने की मांग की गई। संगठन के जिलाध्यक्ष मुन्ना लोधी की अगुवाई में लोधीगंज से जुलूस निकाला गया। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरूष शामिल रहे। सभी लोग हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कहा गया कि ब्राह्मण डीएनए के आधार पर विदेशी हैं। इनका भारत देश के किसी भी भूभाग पर कब्जा करना अवैध है। ब्राह्मण संविधान के आधार

कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपते संगठन के लोग।

पर इस देश में रह सकता है लेकिन यूएनओ की गाइडलाइन के अनुसार कोई भी विदेशी किसी दूसरे देश के शासन सत्ता पर कब्जा नहीं कर सकता। बुद्धिष्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के जिलाध्यक्ष राजू गौतम ने कहा कि भारत में जितने भी प्राचीन मंदिर हैं वो सब बौद्ध विहार व बौद्ध स्थल हैं। सोमनाथ मंदिर के नीचे तीन मंजिला बौद्ध विहार है। काशी मथुरा यह सब बौद्ध स्थल हैं। इन पर ब्राह्मणों ने नाजायज कब्जा कर रखा है। उसके विरोध में हम लोग देशव्यापी भारत बंद कर रहे हैं। इस मौके पर राज बहादुर पासवान, दिलीप पटेल, अभिमन्यु गौतम, जयचंद्र यादव, इंद्रजीत पटेल, रामशंकर पटेल, रीता मौर्या, वंदना पटेल, डा. फूल सिंह लोधी, कामता पासवान, सुरेंद्र पासवान, सत्यनारायण, नीरज यादव, मुकेश पटेल, विवेक मौर्य, रिंकू, दिलीप, बब्लू सिंह, संजय चौरसिया, सूरज गौतम, राजेश बौद्ध, अजय, अनंतराम, पिंकू, गंगा प्रसाद सिंह लोधी, राजकरण पासवान, कुलदीप, दिनेश भी मौजूद रहे। 


1 comment:

  1. भारत भूमि ऋषियों मुनियों की धरती है ,ब्राह्मण उनकी संताने हैं,वेद पुराण शास्त्र,उपनिषद संहितायें सब प्रमाणित करती हैं।ब्राह्मण विदेशी कब हो गये और किस प्रमाणिक ग्रन्थ में ऐसा कहा गया है। आधुनिक काल्पनिक पुस्तकों का
    प्रमाण नहीं चाहिए।ब्राह्मण पूरे विशव में व सनातन धर्म पूरे विश्व में फैला था ।प्रत्येक देश में प्राचीन मंदिर मिल रहे हैं।

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