21 जून को ग्रीष्म संक्राति होती है. यह उत्तरी गोलार्द्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है. वहीं, दक्षिणी गोलार्द्ध में ये सबसे छोटा दिन होता है पृथ्वी सूरज के चारो ओर चक्कर लगाती है। पृथ्वी सीधे नहीं, बल्कि साढ़े 23 डिग्री के अक्षांश पर झुककर चक्कर लगा रही है। इस दौरान पृथ्वी का उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध इसके सामने आते हैं। जून के महीने में उत्तरी गोलार्ध सूरज के सामने आता है। इस दिन सूर्य से पृथ्वी के कई हिस्से को मिलने वाली ऊर्जा 30 प्रतिशत तक ज्यादा हो जाती है. पृथ्वी की चाल के कारण 21 जून के बाद से दिन की अवधि घटने लगती है, यानि दिन छोटे होने लगते हैं और वहीं, रात की अवधि धीरे धीरे बढ़ने लगती है 21 सितंबर को दिन और रात बराबर हो जाते है, 21 दिसम्बर साल का सबसे छोटा दिन होता है जिसे शीतकालीन संक्रांति कहते है । 21 जून का दिन
सालभर का सबसे लंबा दिन होता है, जिसमें दिन 12 नहीं बल्कि 14 घंटे का होता है 21 जून को सूर्य उदय प्रात: 5:13 पर होगा और सूर्यास्त सांयकाल 07:03 पर होगा, इस दिन एक पल ऐसा भी आता है, जब आपकी परछाई भी दिखाई नहीं देती है। योग आंतरिक शक्ति को उजागर करने के साथ शरीर को निरोगी रखने की क्रिया है, जिसके लिए सकारात्मक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। वहीं, पृथ्वी पर ऊर्जा का सबसे बड़ा स्त्रोत सूरज है और 21 जून ऐसा दिन होता है, जिस दिन सबसे अधिक समय तक सूरज का प्रकाश पृथ्वी पर मौजूद रहता है। ऐसे में इस दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है।


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