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Monday, February 23, 2026

सपा सुप्रीमो के दौरे से अंसारी परिवार का बढ़ा सियासी कद

पूर्व सीएम ने अल्पसंख्यकों पर हो रहे उत्पीड़न पर की चर्चा 

पिता की तरह लकी अंसारी भी सपा की जमीन जिले में करेंगे मजबूत

फतेहपुर, मो शमशाद । समाजवादी पार्टी के मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दौरे की चर्चाएं आज भी लोगों की जुबां पर लगातार चल रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने एक दिवसीय भ्रमण के दौरान जिले के कई पुराने कद्दावर नेताओं के यहां पहुंचकर सियासत पर चर्चा की थी। इसमें एक नाम अंसारी परिवार का भी था। सपा के पुराने कर्मठ जुझारू नेता वसीम अंसारी एडवोकेट के आवास पर भी सपा सुप्रीमो पहुंचे और अल्पसंख्यकों पर हो रहे उत्पीड़न पर चर्चा की। वसीम अंसारी ने अपने पुत्र लकी अंसारी का परिचय पूर्व मुख्यमंत्री से कराया। लकी अंसारी ने सपा सुप्रीमो को भरोसा दिलाया कि पिता की तरह वह भी पार्टी की जमीन जिले में मजबूत करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। 

सपा मुखिया का इस्तकबाल करते वसीम अंसारी एडवोकेट व लकी अंसारी। 

सपा के वरिष्ठ नेता वसीम अंसारी एडवोकेट के आवास में मौजूद सैकड़ो की संख्या में लोगों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का स्वागत भी किया। इसके बाद लकी अंसारी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को विश्वास दिलाते हुए कहा कि जिस तरह ईमानदारी के साथ उनके पिता समाजवादी पार्टी का झंडा पड़कर संगठन को मजबूत बनाने और सभी चुनाव में बाढ़ चलकर भागीदारी निभाते हुए प्रत्याशियों को जीतने के लिए काम करते थे उसी तरह अब वह भी पार्टी को मजबूत बनाने एवं 2027 में सभी प्रत्याशियों को विजय दिलाने के लिए दिन-रात एक कर हर बूथ पर कार्यकर्ताओं को मजबूत किया जाएगा। बताते चलें कि 20 फरवरी को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का भ्रमण जनपद में हुआ था जिसमें सबसे पहले वह पूर्व विधायक मोहम्मद सफर के आवास अफोई पहुंचे उसके बाद वह पूर्व अध्यक्ष नजाकत खातून के आवास पहुंचे। तत्पश्चात समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव की पुत्री के शुभ विवाह में पहुंचे। इसी बीच बिना सरकारी प्रोटोकॉल के वह पार्टी के वरिष्ठ नेता वसीम अंसारी एडवोकेट के आवास पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे उत्पीड़न पर चर्चा की। अखिलेश यादव के वापस जाने के बाद कई सियासतदा के जहां कद बढ़ गए वही इस दौर को कई महीनो में जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि विधानसभा चुनाव 2027 में होना है इसलिए यह दौरा अहम माना जा रहा है।

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