प्रतिमा पर माल्यार्पण कर व्यक्तित्व व कृतित्व पर की चर्चा
बिंदकी, फतेहपुर, मो शमशाद । हिंदी राष्ट्रभाषा के कवि पद्मश्री से अलंकृत राष्ट्रकवि पंडित सोहन लाल द्विवेदी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने देश प्रेम को लेकर कविताएं लिखी वह गांधीवाद से प्रेरित थीं, उनकी लिखी रचनाओं से प्रेरित होकर युवाओं में देशभक्ति का जज्बा पैदा होता था जिससे युवाओं ने आजादी की लड़ाई लड़ी। कस्बे के रामलीला मैदान के समीप पुस्तकालय एवं वाचनालय परिसर में राष्ट्रीय कवि पंडित सोहनलाल द्विवेदी की जयंती मनाई गई। प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पंडित सोहनलाल द्विवेदी को राष्ट्रीय कवि के रूप में जाना जाता है क्योंकि उनकी कविताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान युवाओं में जोश भर दिया था। उनकी प्रसिद्ध रचनाएं भैरवी,
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| पं0 सोहनलाल द्विवेदी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते लोग। |
पूजा गीत, प्रभाती, युगाधार, विषपान और दूध बताशा है। वह महात्मा गांधी से अत्यधिक प्रभावित थे और उन्होंने युगा अवतार गांधी जैसी रचनाएं रची। उनकी प्रसिद्ध पंक्तियां चल पड़े जिधर दो डगमग पग, चल पड़े कोटि पग उसी ओर। वंदना के इन स्वरों में एक स्वर मेरा मिला लो है। इस मौके पर नगर पालिका परिषद बिंदकी की चेयरमैन राधा साहू, राष्ट्रकवि पंडित सोहनलाल द्विवेदी के पौत्र मुकेश द्विवेदी, पौत्री आकांक्षा द्विवेदी, पौत्रवधू शालिनी द्विवेदी के अलावा नगर पालिका परिषद बिंदकी के चेयरमैन पति रामकुमार साहू, पूर्व चेयरमैन मुन्नालाल सोनकर, भाजपा के बिंदकी मंडल अध्यक्ष पूरन सिंह, भाजपा नेत्री स्वामी ओमर, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सुल्तान सिंह, अधिवक्ता अरुण द्विवेदी, समाजसेवी लक्ष्मी चंद्र उर्फ मोना ओमर, अशोक द्विवेदी, अनूप अग्रवाल, कल्लू शुक्ला, सुरेश गुप्ता, गुड्डन मिश्रा मौजूद रहे।


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