परिक्रमा मार्ग का कायाकल्प तेज
पर्यटन पर प्रशासन की नजर
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । सोमवार को चित्रकूट में कामदगिरि परिक्रमा मार्ग के बहुप्रतीक्षित कायाकल्प कार्यों का जिलाधिकारी ने औचक स्थलीय निरीक्षण कर विकास की रफ्तार और गुणवत्ता दोनों की हकीकत परखी। 2044.34 लाख रुपए की लागत से पर्यटन विभाग द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना में नवीनीकरण, साइनेज, फेंसिंग, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य प्रगति पर हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान कई खामियां भी उजागर हुईं। डीएम ने जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए नेचुरल ड्रेनेज के वैज्ञानिक प्रबंधन, चेंबर निर्माण और उचित ढाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, वहीं निर्माण मलबा तुरंत हटाने और प्रतिदिन साफ-सफाई बनाए रखने की सख्त हिदायत दी। खास बात यह रही कि दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए टैक्टाइल टाइल्स
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| कामदगिरी परिक्रमा मार्ग पर मौजूद अधिकारीगण |
लगाने के निर्देश देकर परियोजना को संवेदनशीलता से जोड़ने का प्रयास किया गया। निरीक्षण में चोपड़ा कुंड के पास न्यूरल पेंटिंग और पर्यटन विभाग द्वारा बनाए गए शौचालयों की खराब स्थिति पर डीएम ने नाराजगी जताई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए। आरती स्थल पर स्टोन कलर में असमानता और अधूरे प्लांटेशन को लेकर भी कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगी। वहीं अवैध दुकानों को हटाने, पार्किंग, यात्री शेड और फसाड लाइट की नई योजना तैयार करने के निर्देश देकर प्रशासन ने साफ कर दिया कि आस्था के इस केंद्र पर अब आधे-अधूरे काम नहीं चलेंगे।


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