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Monday, March 2, 2026

कैंडल मार्च निकाल खामेनेई की शहादत पर जताया शोक

आब्दी मंजिल पर डोनाल्ड ट्रंप व बेंजामिन नेतन्याहू का जताया पुतला

फतेहपुर,   मो शमशाद । सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के बहेरा सादात गांव में ईरान के सर्वाेच्च नेता आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई की शहादत की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार शिया समुदाय के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले और लोगों ने अपने रहबर की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया। बहेरा सादात में बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर शोक व्यक्त किया। मार्च में बूढ़नपुर और अल्लीपुर सहित आसपास के गांवों के स्थानीय लोग, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। कैंडल मार्च गांव की मुख्य सड़कों से होता हुआ वरिष्ठ पत्रकार एवं साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शहंशाह आब्दी के आवास आब्दी मंजिल पहुंचा। आब्दी मंजिल पर प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और

खामेनेई की शहादत पर कैंडल मार्च निकालते शिया समुदाय के लोग। 

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पुतला जलाकर विरोध जताया। इस दौरान अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। प्रतिभागियों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांति, एकजुटता और इंसाफ का संदेश दिया। शोक सभा को संबोधित करते हुए मौलाना सैयद खादिम अब्बास जैदी ने कहा कि रहबर की शहादत सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने अत्याचार के खिलाफ डटकर मुकाबला किया और कभी भी अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया। साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शहंशाह आब्दी ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर ने हमेशा अत्याचार और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि उनकी शहादत दुनिया को यह संदेश देती है कि जुल्म के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए। 86 साल के एक मर्दे मुजाहिद ने इस्लाम की जंग अकेले लड़ी जबकि पूरी दुनिया और इस्लामी मुल्क ख़ामोशी और बेपरवाही की नींद में डूबे हुए थे, इस उम्र में भी वो अटल रहे न थके न झुके बल्कि सच की आवाज़ बुलंद की। ये इतिहास का एक ऐसा अध्याय है जिसे आने वाली पीढ़ियां हैरत और गर्व के साथ पढ़ेंगी। गौरतलब है कि इस शहादत में ईरान के सुप्रीम लीडर की 14 महीने की नवासी के साथ बेटी, एक बेटा, बहु और दामाद भी शामिल हैं। वैसे इस बर्बरता और ज़ुल्म के खिलाफ कई जगह प्रदर्शन जारी और लोग इस ज़ुल्म और ज़्यादती की कड़े शब्दों में निंदा करता नजर आ रहा है और कई लोग इसे तीसरे विश्व युद्ध के आगाज़ की संज्ञा देते नजर आ रहे हैं।


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