राष्ट्रीय विज्ञान दिवस
देवेश प्रताप सिंह राठौर
उत्तर प्रदेश झांसी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, टपरियन, बबीना, झांसी में आज महान भारतीय वैज्ञानिक सी० वी० रमन(डॉ. चंद्रशेखर वेंकट रमन) द्वारा ' रमन प्रभाव ' की खोज तथा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. चंद्रशेखर वेंकट रमन के जीवन, उनके वैज्ञानिक योगदान तथा “रमन प्रभाव” की खोज पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को मनाया जाता है, जो विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को सम्मानित करने का दिन है।
विद्यालय की छात्राओं द्वारा विज्ञान आधारित विभिन्न परियोजनाओं एवं मॉडलों की आकर्षक प्रदर्शनी प्रस्तुत की गई। प्रदर्शित मॉडलों में पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, मानव शरीर संरचना, विद्युत परिपथ आदि विषयों से संबंधित रचनात्मक एवं उपयोगी परियोजनाएँ शामिल थीं। छात्राओं ने अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली आत्मविश्वास के साथ समझाई, जिसकी सभी उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकों ने सराहना की। प्रधानाचार्या ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान केवल एक विषय नहीं, बल्कि तर्क, प्रयोग और नवाचार की सोच को विकसित करने का माध्यम है। ऐसे कार्यक्रम छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और आत्मविश्वास को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संपूर्ण आयोजन उत्साह, जिज्ञासा और नवाचार की भावना से परिपूर्ण रहा।


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