फतेहपुर, मो शमशाद । भईया दूज पर बहनों ने भाईयों को रोचना कर रक्षा करने का वचन मांगा और भाईयों ने भी उसे पूरा करने का वचन दिया। होली के तीसरे दिन भईया दूज मनाया गया। जिस पर पर मिठाईयों की दुकानों पर भीड़ देखी गई। बहनों ने पूजा-पाठ कर चैक बनाकर भाईयों को टीका किया और भाईयों से रक्षा करने का वचन मांगा। पूरे जनपद में गुरूवार को भईया दूज का पर्व मनाया गया। भाईयों ने रक्षा करने के वचन के साथ ही बहनों को उपहार भी दिया। बहनों ने भाईयों की मनपसंद मिठाई खरीदी। भाईयों ने भी सारे काम छोडकर पहले बहनों से टीका
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| भईया दूज पर भाई को टीका करती बहन। |
करवाया। भईया दूज पर जो जेल में बंदी कैदियों को बहन से मिलने के लिए जेल प्रशासन ने भी व्यवस्था कर रखी थी। धर्म ग्रंथों के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान यम अपनी बहन यमुना से मिलने के लिए गए थे। उनके घर पहुंचने पर बहन ने यम का भव्य स्वागत किया था और उनको तिलक लगाया। साथ ही उनको मिठाई खिलाई। इससे यम बहन से प्रसन्न हुए और उन्हें वरदान दिया कि जो भाई चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को अपनी बहन से तिलक करवाएगा उसकी दीर्घ आयु होगी और समृद्धि का आशीर्वाद का प्राप्त होगा।


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