अनुपस्थित अफसर व अटकी योजनाएं
बैठक में उठे कई चुभते सवाल
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले में विकास की फाइलों पर जमी धूल को झाड़ने की कवायद तेज होती दिखी, जब 29 अप्रैल को अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अरुण कुमार यादव की अध्यक्षता में बीते पांच वर्षों के बजटीय खेल की परतें खोली गईं। बैठक में 15वीं वित्त आयोग से लेकर अमृत सरोवर, नगर सृजन, सीवरेज, पेयजल और दीपावली-कुंभ मेलों तक फैले विकास कार्यों की समीक्षा ने कई सवालों को हवा दी। अधिकारियों की मौजूदगी के बीच राजापुर के उप जिलाधिकारी की अनुपस्थिति ने भी हलचल पैदा की। एडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाएं कागजों से निकलकर जमीन पर दिखनी चाहिए, वरना दूसरी किस्त का रास्ता भी मुश्किल हो सकता है। उन्होंने अधिकारियों को
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| अधिकारियों की बैठक लेते एडीएम |
शासन से धनराशि की पैरवी तेज करने और समयसीमा में कार्य पूर्ण कराने की सख्त हिदायत दी। बैठक ने यह संकेत दे दिया कि अब विकास की सुस्ती पर प्रशासन की नजरें टेढ़ी हो चुकी हैं और लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।


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