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Thursday, April 30, 2026

गौशालाओं से उठी आत्मनिर्भरता की गूंजए चित्रकूट बना सर्कुलर इकॉनमी की प्रयोगशाला

नैपियर घास से बायोगैस तक 

गौ संरक्षण पर विस्तृत समीक्षा बैठक

चित्रकूट,  सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले की धरती पर गुरुवार को गौ संरक्षण महज एक नारा नहींए बल्कि विकास की नई पटकथा बनकर उभराए जब उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त और सदस्य रमाकांत उपाध्याय के नेतृत्व में संयुक्त निरीक्षण दल ने जिले की गौशालाओं का गहन मंथन किया। निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में साफ संदेश दिया गया. अब गौशालाएं सिर्फ आश्रय नहींए बल्कि आत्मनिर्भर गांवों की धुरी बनेंगी। सरकार की प्राथमिकता गौ संवर्धन को जमीन पर उतारने के लिए हरे चारे की सालभर उपलब्धताए नैपियर घास की बुवाई और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग जैसे मॉडल पर जोर दिया गयाए ताकि हर गौवंश तक पोषण पहुंचे और कोई भूखा न रहे। वहीं भूसे के छह माह के भंडारणए स्वच्छ पेयजल और संतुलित आहार की अनिवार्यता ने गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर सीधी निगाह डाल दी। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री सहभागिता

गौसेवा आयोग के अध्य़क्ष को सम्मानित करते सीडीओ

योजना के तहत युवाओंए महिलाओं और छोटे किसानों को देशी गाय देकर रोजगार के नए द्वार खोले जाएंगेए जहां गोबर.गोमूत्र से जैविक खादए बायोपेस्टिसाइड और ऊर्जा उत्पादन तक की श्रृंखला विकसित होगी। बायोगैस संयंत्रों के जरिए गांवों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर स्वास्थ्य व पर्यावरण सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना गया। निरीक्षण दल ने विभागीय समन्वयए एनजीओ और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाकर गौ आधारित सर्कुलर इकॉनमी को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। साफ संकेत है. अब चित्रकूट की गौशालाएं सिर्फ सेवा का केंद्र नहींए बल्कि ग्रामीण समृद्धि का नया इंजन बनने जा रही हैं।


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