स्वास्थ्य सर्वे में आरकेएसके सेवाओं की सीमित पहुंच उजागर
जिला स्तरीय संवाद में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे उभरे
तरंग मेरे सपने मेरी उड़ान पुस्तक का एडी ने किया विमोचन
बांदा, के एस दुबे । वनांगना संस्था द्वारा संचालित तरंग मेरे सपने मेरी उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत शहर के नरैनी रोड स्थित एक होटल में आयोजित जिला स्तरीय संवाद में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दे सामने आए। नरैनी एवं महुआ ब्लॉकों के किशोर-किशोरियों एवं युवाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य एवं आरकेएसके (राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम) सेवाओं को लेकर किए सर्वेक्षण के निष्कर्ष साझा किए गए। अपर निदेशक स्वास्थ्य ने तरंग मेरे सपने मेरी उड़ान पुस्तक का विमोचन किया।
वरिष्ठ संदर्भदाता समूह शबीना मुम्ताज ने बताया कि वर्ष 2024 में 124 किशोर-किशोरियों के साथ सर्वेक्षण किया गया। जिसमें पाया कि आरकेएसके सेवाओं की पहुंच बेहद सीमित है। 78 प्रतिशत को आयरन की गोली और 69 प्रतिशत एल्बेंडाजोल दवा नहीं मिली। एनीमिया की जांच 15 प्रतिशत को ही हो पाई। मात्र 2.41 प्रतिशत लोगों को ही साथिया केंद्र की जानकारी थी। सैनिटरी पैड वितरण की स्थिति भी बेहद कमजोर पाई गई। इसी तरह वर्ष 2025 में 152 किशोर, किशोरियां, युवक व युवतियों के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर सर्वेक्षण किया गया। जिसमें 95 प्रतिशत ने पढ़ाई के तनाव, 60 प्रतिशत में फेल होने का भय, 45 प्रतिशत पारिवारिक विवाद और 25 प्रतिशत ने संवाद की कमी, 12 प्रतिशत ने शारीरिक बनावट पर टिप्पणी को अपनी प्रमुख समस्या बताया। जबकि 58 फीसद स्थानों पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर बातचीत नहीं होती है। मानसिक खुशहाली को लेकर भी लोगों की समझ सीमित पाई गई, जहां अधिकांश लोग इसे केवल अच्छे खान-पान और भौतिक सुविधाओं से जोड़ते हैं, जिससे जागरूकता की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। एडी डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि तरंग मेरे सपने मेरी उड़ान पुस्तक का विमोचन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि युवाओं की आवाज़ और उनके मुद्दों को सामने लाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। स्वास्थ्य विभाग इस पर पूरा सहयोग करेगा। जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने सर्वेकर्ता आतिफा व युवराज से ज्ञापन लेकर सीएमओ के माध्यम से मांगें पूरी कराने का आश्वासन दिया। साइक्लोजिस्ट डॉ. रिजवाना हाशमी ने मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में बताया। उन्होंने महीने में एक दिन तरंग ग्रुप की लड़कियों के साथ सत्र चलाने की बात कही। डॉ. वर्षा ने प्रजनन स्वास्थ्य और डॉ. उपासना ने वीपीवी वैक्सीन के बारे में डॉक्टर वंदना ने साथिया केन्द्र की जानकारी दी l जानकारी दी। महिला कल्याण विभाग से अकांक्षा सिंह ने योजनाओं व कामनी ठाकुर ने बाल विवाह हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी।
संस्था डायरेक्टर पुष्पा शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, संवाद को प्रोत्साहित करने तथा आरकेएसके सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है। शोभा देवी ने कार्यक्रम के उद्देश्य बताते हुए कहा कि तरंग ग्रुप के सामुदायिक लीडर्स द्वारा यह सर्वे पिछले दो वर्षों से किया जा रहा है। इसमें सामने आए तथ्यों के आधार पर मांग पत्र उच्चाधिकारियों को सौंपा गया। इसमें शामिल मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए, जिससे समुदाय को स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर लाभ मिले। कार्यक्रम में मित्रा बुंदेलखंड , साथी, दिशा संस्था से कार्यकर्ता शामिल रहे l वानागना कार्यकर्ता मंजू सोनी, शिवशंकर, फरहा, माया, रानी, कल्पना, श्यामकली, फरजाना, शाजिया राधेश्याम एवं सुषमा ने जिम्मेदारियां संभाली। शिफा ने मंच संचालन और अवधेश गुप्ता ने सभी का आभार जताया।


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