रिचार्ज के बाद अंधेरा
डिजिटल इंडिया की डिजिटल लूट?
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जिले की सियासी फिजा उस वक्त तपने लगी जब आम आदमी पार्टी ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पटेल तिराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला विद्युत कार्यालय राधालाज के सामने कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर के छायाचित्र जलाकर सरकार के खिलाफ आक्रोश का इजहार किया और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान नारे गूंजे- स्मार्ट मीटर नहीं, स्मार्ट चीटर है, और आरोपों की बौछार ने बिजली व्यवस्था की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए। जिलाध्यक्ष सन्तोषी लाल शुक्ला ने कहा कि यह योजना अब राहत नहीं, बल्कि डिजिटल लूट का प्रतीक बन चुकी है, जहां रिचार्ज के बाद भी घंटों बिजली बहाल नहीं होती और उपभोक्ता अंधेरे में छटपटाते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 78-80 लाख स्मार्ट मीटर
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| तहसील में प्रदर्शन करते आप कार्यकर्ता |
लग चुके हैं, जिनमें भारी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। 1500 रुपए का बिल सीधे 6000-7000 रुपए तक पहुंचना आम हो गया है। वहीं 20 हजार करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट में बड़े घोटाले और कमीशनखोरी की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठी। किसानों की पीड़ा भी कम नहीं-4जी स्मार्ट मीटर के चलते नलकूपों पर बढ़े बिल और नेटवर्क समस्याओं ने सिंचाई व्यवस्था को चरमरा दिया है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि वैकल्पिक बताकर जबरन प्रीपेड मीटर थोपे जा रहे हैं, जो जनता के साथ सीधा धोखा है। चेतावनी साफ थी- यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन सड़कों से उठकर सदन तक गूंजेगा और डिजिटल इंडिया के नाम पर हो रही कथित लूट का हिसाब मांगेगा।
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