बांदा, के एस दुबे । बुंदेलखंड का बांदा जिला इस समय भीषण आग की भट्टी बना हुआ है। लगातार चौथे दिन बांदा पूरे देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया है, जहाँ अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस मंगलवार को रिकॉर्ड 48.2डिग्री के स्तर को पार कर गया है। आसमान से बरसती इस भीषण श्आगश् और थार मरुस्थल से आ रही गर्म पछुआ हवाओं लू के चलते मौसम विभाग ने जिले में रेड अलर्ट जारी किया है।बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह हाई अलर्ट पर आ गए हैं। अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़, हीट स्ट्रोक
का खतरा बढ़ा अभूतपूर्व गर्मी के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दोपहर के समय सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है। इस भीषण लू के कारण लोग तेजी से बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
गर्मी का प्रकोप इतना भयानक है कि सुबह 10 बजे तक पूरा शहर थम सा जाता है। कई दुकानों के शटर खुले रहते हैं लेकिन शाम से पहले ग्राहक मिलना मुश्किल हो जाता है। अप्रैल से अब तक बिक्री में भारी गिरावट आई है। दोपहर के बाद शहर में सन्नाटा पसर जाता है। इस वर्ष 27 अप्रैल को बांदा का तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जो उस दिन पूरे भारत में सबसे अधिक था। यह 1951 के बाद अप्रैल महीने का सबसे अधिक तापमान भी था। इससे पहले 2022 और 2026 में बांदा ने 47.4 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड बनाया था। मंगलवार को बांदा एक बार फिर देश का सबसे गर्म शहर रहा जहां तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो एक नया रिकॉर्ड है।
जिला अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या में 300 से 400 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अस्पताल पहुँचने वाले अधिकांश मरीज तेज बुखार, उल्टी, दस्त, तेज सिरदर्द, पेट दर्द और चक्कर आने (हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन) की शिकायत कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, हर दिन 200 से 300 लोग गर्मी जनित बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन बैठकें कर राहत कार्यों की कमान संभाल ली है। बच्चों को राहत देने के लिए स्कूलों में समय से पहले ही छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस भीषण गर्मी में जिले में पानी और बिजली की सप्लाई में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवाओं को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता से अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घरों से बाहर न निकलें। बाहर निकलते समय छाता, टोपी या सूती कपड़े से सिर और चेहरा जरूर ढकें। शरीर में पानी की कमी न होने दें; पानी, ओआरएस छाछ, और नींबू पानी जैसे तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें और उन्हें घर के अंदर ही रखें।


No comments:
Post a Comment