बाँदा, के एस दुबे । बदौसा। भीषण गर्मी के बीच नरैनी तहसील के बदौसा, बरछा ‘ब’ और दुबरिया गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। हालात इतने खराब हैं कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चित्रकूटधाम जल संस्थान और जल जीवन मिशन की लापरवाही के कारण क्षेत्र की हजारों की आबादी भीषण जल संकट झेलने को मजबूर है। 35 हज़ार से भी अधिक लोग बूंद बूंद पानी को मोहताज है। ग्रामीणों के अनुसार बदौसा, बरछा ‘ब’ और दुबरिया क्षेत्र में मीठे पानी का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। नदी का पानी प्रदूषित और गंदा होने के कारण पीने योग्य नहीं बचा है। ऐसे में वर्षों पहले तत्कालीन सरकार द्वारा ग्राम तुर्रा में दो नलकूप स्थापित
कर बदौसा क्षेत्र के लिए पेयजल आपूर्ति शुरू कराई गई थी, जिससे लोगों को राहत मिली थी। लेकिन अब ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के अधिकारियों ने तुर्रा पुल के पास नमामि गंगे योजना की पाइप लाइन को जल संस्थान की मुख्य पाइप लाइन से जोड़ दिया है। इससे बदौसा क्षेत्र के हिस्से का पानी डायवर्ट हो रहा है और नियमित जलापूर्ति प्रभावित हो गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले सुबह पानी की सप्लाई होती थी, लेकिन अब दोपहर में अनियमित रूप से पानी छोड़ा जाता है। पिछले चार दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे लोगों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। महिलाएं और बच्चे दूर-दूर तक पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों में प्रमुख रूप से संतोष कुशवाहा (पत्रकार एवं संयोजक, ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति बदौसा), शिव प्रसाद उर्फ शिवा (सहसंयोजक), इरफान अली, विजय यादव, विनीत रावत सहित अन्य लोगों ने जिलाधिकारी बांदा से तत्काल हस्तक्षेप कर पेयजल आपूर्ति बहाल कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


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