दबंगई के बल पर जारी है अवैध बालू का खनन
स्थानीय जिम्मेदारों मिली भगत के लग रहे आरोप
बांदा, के एस दुबे । बुन्देलखण्ड का बांदा जनपद लाला सोने के भण्डार के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि यहां के लाल सोने की चमक में लोग चकाचौंध होकर अपना सबकुछ बेचकर इसी कार्य में उतर आये हैं। सबसे ज्यादा दबंगों के लिए अवैध बालू का खनन कराकर लाल सोने की चोरी कराना मुफीद धंधा बन चुका है। मानों बिना पूंजी के लाखों रूपये की रोजाना बालू चोरी कराना और सिस्टम के जिम्मेदारों को अपनी जेब में रखकर इस कार्य को करना आम बात हो चुकी है। वैसे तो जनपद में इस समय दो दर्जन से ज्यादा वैध खदानों के पट्टे संचालित है। इसके बावजूद कनवारा खण्ड तीन की खदान में बिना किसी पट्टे के अवैध खनन का सरपट्टा दौड़ रहा है।
सूत्रों की मानें तो कनवारा के स्थानीय दबंगों के साथ कुछ तथाकथित मीडिया से जुड़े हुये लोगांे की सेटिंग के बल पर अवैध खनन का काला कारोबार खुलेआम फलफूल रहा है। स्थानीय जिम्मेदार लोगों के आवा खाकी जिम्मेदारों पर भी मिली भगत के आरोप लगातार लग रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया में वायरल पोस्टों में भी स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय चौकी के मिली भगत के आरोपों की बौछार हो रही है। अब वास्तविकता जो भी हो लेकिन जिस तरह से दबंगई के बल पर अवैध खनन कार्य कनवारा में हो रहा है। उससे सरकार को रोजाना लाखों के राजस्व का चूना लग रहा है। अब देखना यह है कि खनिज विभाग के जिम्मेदारों सहित प्रशासन के अधिकारी इस अवैध खनन पर कब लगाम लगाते हैं।


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