जेडीयू नेता शालिनी पटेल ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
बांदा, के एस दुबे । लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार आज जनपद में खुद मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में बांदा कलेक्ट्रेट परिसर में समाचार संकलन के लिए आने वाले मीडियाकर्मियों के बैठने के लिए कोई छायादार स्थान तक मयस्सर नहीं है। इस गंभीर समस्या को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिलाधिकारी बांदा को एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की है। जेडीयू नेता शालिनी सिंह पटेल ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि बांदा कलेक्ट्रेट में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पत्रकार समाचार संकलन, जनसमस्याओं को उठाने और शासन-प्रशासन की गतिविधियों की कवरेज के लिए पहुंचते हैं। यही पत्रकार सरकार
की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते हैं, जनता की आवाज शासन तक पहुंचाते हैं और अधिकारियों के अच्छे कार्यों को प्रमुखता से सामने लाते हैं। लेकिन दुखद स्थिति यह है कि आज उन्हीं पत्रकारों के बैठने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में कोई समुचित एवं छायादार स्थान उपलब्ध नहीं है। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में पत्रकार घंटों खड़े रहने को मजबूर रहते हैं। ज्ञापन में सबसे गंभीर मुद्दा महिला पत्रकारों और दूर-दराज से आने वाली महिला फरियादियों की अस्मिता व स्वास्थ्य से जुड़ा उठाया गया है। कलेक्ट्रेट परिसर में महिला पत्रकारों और आम महिलाओं के लिए स्वच्छ शौचालय तक की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। जिलाधिकारी को भेजे गए ज्ञापन में जेडीयू प्रदेश उपाध्यक्ष ने प्रशासन से प्रमुख मांगें की हैं ,पत्रकारों के बैठने हेतु तत्काल एक समुचित और छायादार स्थान की व्यवस्था की जाए।पत्रकार दीर्घा में पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों से अपनी समस्याएं लेकर आने वाले फरियादियों व आम नागरिकों के लिए कलेक्ट्रेट में ठंडे पानी के प्याऊ की व्यवस्था की जाए। कलेक्ट्रेट परिसर में महिलाओं के लिए विशेष रूप से साफ-सुथरे और क्रियाशील शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित हो। जेडीयू की बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र में, जहां जिले के आला अधिकारी बैठते हैं, वहां यदि पत्रकारों और आम जनता के लिए पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी, तो शासन-प्रशासन की छवि पर इसका बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से जनहित एवं लोकतंत्र की गरिमा को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का गंभीरता से संज्ञान लेकर तत्काल आवश्यक कार्यवाही किए जाने की मांग की है।


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