बांदा, के एस दुबे । सनातन संस्कृति और पौराणिक विरासतों को वैश्विक पहचान दिलाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बांदा जिले को एक और बड़ी सौगात दी है। जनपद के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले वसुधरी धामश् का 1.27करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से कायाकल्प किया जा रहा है। महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास की जन्मस्थली के रूप में पूजनीय इस पावन स्थल को अब एक भव्य पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।पैलानी तहसील के वसुधरी गांव में स्थित है यह पावन स्थलबांदा में महर्षि वेदव्यास की यह पावन जन्मस्थली पैलानी तहसील के अंतर्गत वसुधरी (लसड़ा) गांव में यमुना नदी के तट पर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन भूमि पर ऋषि पराशर और देवी सत्यवती का
मिलन हुआ था, जिसके बाद इसी क्षेत्र के एक द्वीप पर महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। दशकों से उपेक्षित पड़े इस पावन धाम की सुध लेकर योगी सरकार अब इसे नया स्वरूप देने में जुटी है।28 मई 2026 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य, युद्ध स्तर पर काम जारीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप श्यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेडश् इस भव्य पर्यटन विकास कार्य को धरातल पर उतारने में पूरी ताकत से जुटा है।शुरुआतरू इस महत्वाकांक्षी परियोजना का जीर्णाेद्धार कार्य पिछले साल 28 मई 2025 को शुरू हुआ था।समय सीमारू शासन के कड़े निर्देशों के क्रम में आगामी 28 मई 2026 तक इस पूरे कार्य को मुकम्मल करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।वैश्विक पटल पर चमकेगा बुंदेलखंड का सांस्कृतिक गौरव, बढ़ेंगे रोजगार के अवसरक्षेत्र के नागरिकों, प्रबुद्ध वर्ग और संतों ने योगी सरकार के इस ऐतिहासिक कदम की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों से उपेक्षित पड़े इस पावन धाम का जीर्णाेद्धार कराकर मुख्यमंत्री ने न केवल बुंदेलखंड का गौरव बढ़ाया है, बल्कि सनातन संस्कृति के संरक्षण का एक अनुपम उदाहरण भी पेश किया है।इस परियोजना के पूर्ण होते ही बांदा जिला अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभर कर सामने आएगा। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी सृजित होंगे।


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